Google Trends: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा अब आस्था के साथ-साथ भारी ट्रैफिक संकट की वजह भी बनती जा रही है। शुक्रवार को जोशीमठ, मारवाड़ी और विष्णुप्रयाग के बीच ऐसा जाम लगा कि हजारों श्रद्धालु घंटों तक सड़क पर ही अटक गए। हालत यह रही कि कई यात्रियों को अपनी ट्रेन और फ्लाइट छूटने का डर सताने लगा।
चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें, तेज धूप और धीमी रफ्तार ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। बद्रीनाथ हाईवे पर जगह-जगह रुक-रुक कर ट्रैफिक चलता रहा, जिससे पूरा मार्ग जाम में तब्दील हो गया।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक सड़क की कम चौड़ाई, पहाड़ों से गिर रहे पत्थर और अधूरे निर्माण कार्य जाम की सबसे बड़ी वजह बने हैं। कई जगहों पर सड़क किनारे नालियों का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थिति ऐसी हो गई कि दो बड़े वाहन एक साथ निकल ही नहीं पा रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि अगर जल्द ट्रैफिक सामान्य नहीं हुआ तो कई लोगों की आगे की यात्रा प्रभावित हो सकती है। देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचकर ट्रेन या फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
हालांकि पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक टीमें लगातार मौके पर ट्रैफिक कंट्रोल करने में जुटी हुई हैं। सुबह से देर रात तक जवान जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सीमित सड़क चौड़ाई और भारी भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक महीने में पहुंचे 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
चारधाम यात्रा शुरू होने के एक महीने के भीतर ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली है। 19 अप्रैल से 20 मई 2026 तक दोनों धामों में 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
जारी आंकड़ों के अनुसार यमुनोत्री धाम में 3,08,456 और गंगोत्री धाम में 3,02,594 श्रद्धालु पहुंचे। इनमें पुरुष, महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। इस दौरान करीब 60 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे रूट को सुपरजोन, जोन और सेक्टरों में बांटा है। यात्रा मार्गों पर पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है।
यमुनोत्री पैदल मार्ग पर यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और इमरजेंसी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन का दावा है कि भारी भीड़ के बावजूद यात्रा को सुचारु रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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देवभूमि उत्तराखंड को देवताओं की भूमि कहा जाता है। यहां कई बड़े और प्राचीन मंदिर हैं, जिनमें से एक है डाट काली मंदिर। यह मंदिर इस वक्त काफी चर्चा में है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 14 अप्रैल को उत्तराखंड के दौरे पर हैं। इस दौरान वह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और डाट काली मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। डाट काली मंदिर अपने आप में खास महत्व रखता है। यहां पर हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं, खासकर नवरात्र के दिनों में यहां पर अच्छी खासी भीड़ रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में, कहां पर स्थित है, कैसे पहुंचे और आसपास घूमने के लिए कौन-कौन सी जगहें हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
