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ब्‍लैक में मिल रहे 2000 के नोट, चुनावों के लिए जमा किया जा रहा कैश- सोशल मीडिया पर लोग कर रहे ऐसी बातें

कुछ लोगों का ये भी कहना है कि उन्नाव और कठुआ गैंगरेप मामले में हो रही किरकिरी से ध्यान हटाने के लिए सरकार जानबूझ कर इस तरह से कैश क्रंच कर रही है।

(Representative Image/ PTI)

देश के कई राज्यों में नोटबंदी के बाद जिस तरह से कैश की समस्या सामने आई थी उसी तरह की स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत कई राज्यों में बैंकों और एटीएम में कैश नहीं है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर नए नोट गए तो गए कहां? कैश की कमी की वजह से लोगों के कई जरूरी काम रुक रहे हैं। कैश की किल्लत को लोग अलग-अलग नजरिये से देख रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि, ‘ये शादी ब्याह का सीजन चल रहा है। ऐसे में अगर सरकार ने इस समस्या का जल्द निबटारा नहीं किया तो लोग कैश होल्ड करने लग जाएंगे जिससे आगे चलकर ये समस्या विकराल रूप ले सकती है।’ लोग ये भी कह रहे हैं कि, ‘अगर ज़रूरत पर बैंकों से कैश नहीं मिलेगा तब ऐसे में लोग बैंकों में पैसा क्यों रखेंगे? और जब जनता और बैंकों के बीच का ये लेन-देन बधित होगा तब पहले से ही खस्ताहाल बैंकों की हालत और भी ज़्यादा खराब हो जाएगी।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन बैंकों के एटीएम से कैश निकल रहे हैं उनमें भी 2000 के नोट नहीं निकल रहे हैं। लोग आशंका जता रहे हैं कि सरकार फिर से नोटबंदी कर 2000 के नोट बंद तो नहीं करने वाली। कुछ बैंक अधिकारियों का कहना है कि 2000 के नोट आने कम हो गए हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका तक व्यक्त की है। वहीं मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया का कहना है कि 2000 के नोटों की कालाबाजारी हो रही है। सोशल मीडिया में भी लोग इस तरह की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। ऐसा भी कहा जा रहा है कि होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कैश को कालेधन के तौर पर जमा किये जा रहे हैं।

सोशल मीडिया में लोगों से इस तरह की बातें भी सामने आ रही हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि 2000 के नोट 2150 रुपए में बिक रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या अब भी नोट कालेधन के कारोबारियों के कब्जे में चले गए हैं या रिजर्व बैंक ने ही नोटों की सप्लाई कम कर दी है? अचानक से उभरी कैश की इस किल्लत पर लोगों ने इतने ट्वीट किये कि देखते ही देखते ये सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगा। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि उन्नाव और कठुआ गैंगरेप मामले में हो रही किरकिरी से ध्यान हटाने के लिए सरकार जानबूझ कर इस तरह से कैश क्रंच कर रही है।

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