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यूपी निकाय चुनाव: सपा उम्‍मीदवार का आरोप- खुद का भी वोट नहीं मिला, लोग बोले- EVM मैया खा गईं

समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव के बाद ईवीएम बदल दी गई हैं। इसके साथ ही सपा उम्मीदवारों की ओर से इस चुनाव को रद्द कराने की भी मांग की जा रही है।

सपा उम्‍मीदवार का आरोप- खुद का भी वोट नहीं मिला (फोटो सोर्स- स्क्रीनशॉट/फेसबुक/@IWantToVote4AAP)

उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत के बाद विपक्ष के नेताओं ने एक बार फिर ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर विरोध करना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव के बाद ईवीएम बदल दी गई हैं। इसके साथ ही सपा उम्मीदवारों की ओर से इस चुनाव को रद्द कराने की भी मांग की जा रही है। उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें खुद का वोट भी नहीं मिला, ऐसा कैसे हो सकता है। इस वक्त सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें सपा उम्मीदवार ईवीएम पर सवाल खड़ा करते हुए दिखाई दे रही हैं।

सपा उम्मीदवार कह रही हैं, ‘सभी का मत है कि इस चुनाव को रद्द करके दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए। हर पार्टी के उम्मीदवार इस चुनाव को रद्द कराना चाहते हैं। बीजेपी ने पूरी तरह चीटिंग कराई है इस चुनाव में। एक वोट भी नहीं मिला, खुद का वोट भी नहीं मिला। मशीन का खेल है, बीजेपी की सरकार में लोकतंत्र नहीं राजतंत्र चल रहा है। शासन से लेकर प्रशासन तक सब कोई सत्ता के नशे में चूर है। मुझे भी आवाज दबाने के लिए धमकियां दी जा रही हैं। पूरे चुनाव आयोग में कोई भी व्यक्ति निष्पक्ष चुनाव नहीं करवा रहा है… यह चुनाव नहीं है भाजपा का खेल है। मशीनें बदल दी गईं।’ वीडियो वायरल होने के बाद लोग कह रहे हैं कि उम्मीदवारों का मत ईवीएम मैया खा गई हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी की जीत पर कहा है कि ईवीएम की बदौलत ऐसा हुआ है। अखिलेश ने कहा, ‘यूपी में नगर निकाय चुनावों में महापौर की कुल 16 सीटों में से 14 सीटों में बीजेपी ने जबकि 2 पर बीएसपी ने जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस और सपा ने यहां कोई जीत नहीं हासिल की, तो हम कहते हैं कि बैलेट पेपर से जिन इलाकों में वोटिंग हुई वहां बीजेपी का जीत प्रतिशत 15 है, वहीं ईवीएम से जहां-जहां वोटिंग हुई वहां पार्टी का जीत प्रतिशत 46 है।’

वहीं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था, ‘अगर बीजेपी ईमानदार है और लोकतंत्र पर विश्वास रखती है तो ईवीएम को हटा देना चाहिए और बैलेट पेपर द्वारा वोटिंग की जानी चाहिए। 2019 में आम चुनाव होने वाले हैं। अगर बीजेपी को इस बात का विश्वास है कि जनता उनके साथ है तो उन्हें ईवीएम हटाना चाहिए। मैं यकीन के साथ कह सकती हूं कि अगर बैलेट पेपर पर वोटिंग की जाएगी तो बीजेपी फिर से सत्ता मे नहीं आएगी।’ बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जोरदार जीत हासिल की। सियासी सरगर्मी में महापौर की कुल 16 सीटों में से 14 बीजेपी ने जबकि दो पर बसपा ने कब्जा जमाया है। कांग्रेस और सपा को करारी हार का सामना करना पड़ा।

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