London Supermarket Viral Video: बासमती चावल के लिए बेकाबू भीड़ को कैप्चर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो पूर्वी लंदन के व्हिटचैपल में सेन्सबरी (सुपरमार्केट चेन) का बताया जा रहा है, जहां बीते दिनों डिसकाउंटेड रेट पर बासमती चावल बेचा जा रहा था। वीडियो के व्यापक तौर पर प्रसारित होने के बाद यूजर्स ने साफ तौर पर नाराजगी जाहिर की है।

चलने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे लोग

वायरल वीडियो में खरीदारों के एक झुंड को दिखाया गया है जो अपने ट्रॉलियों को लैला बासमती चावल के बड़े बैग्स भरते दिख रहे हैं। कई खरीदार को अपनी ट्रॉली में कई बैगों को रखते हुए देखा जा सकता है। जबकि चावल के लिए इस दीवानगी के कारण लगी भीड़ के कारण आम खरीदार स्टोर में चलने के लिए संघर्ष करते हुए दिख रहे हैं।

वायरल पोस्ट के कैप्शन के अनुसार, चावल को 9.50 पाउंड प्रति बैग की कीमत पर बेचा जा रहा था। वीडियो को मूल रूप से X पर UB1ub2 पश्चिम लंदन (साउथॉल) अकाउंट द्वारा शेयर किया गया था। कैप्शन में लिखा गया है, “लोगों ने चावल की लूट मचा दी जब व्हिटचैपल में एक सेन्सबरी ने लैला बासमती चावल को £ 9.50 की कीमत पर बिक्री के लिए रखा।” हालांकि, Jansatta स्वतंत्र रूप से वीडियो की विश्वसनीयता को सत्यापित नहीं कर सकता है।

500,000 से अधिक रिएक्शन के साथ, वीडियो ने कई यूजर्स को अट्रैक्ट किया। एक यूजर ने लिखा, “मुझे इस तरह का लालची व्यवहार असहनीय लगता है। लोग कुछ ही पाउंड की बचत के लिए खुद को अपमानित कर रहे हैं।” “बहुत शर्मनाक,” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की।

एक तीसरे यूजर ने प्रतिक्रिया की, “मुझे गुस्सा आता है कि दुर्भाग्य से हम हमेशा स्वार्थी लोगों के पास होते हैं, इसलिए सुपरमार्केट में एक प्रतिबंध होना है।” चौथे यूजर ने कहा, ” इमिग्रेशन समस्या एक तरफ, पर यह एक बुरा विचार नहीं है कि कुछ ऐसा जिसमें एक लंबी शेल्फ लाइफ है उसे स्टोर कर लिया जाए। संस्कृतियां जहां चावल एक स्टेपल है, वहां लोगों के लिए 100 किलोग्राम चावल खरीदना भी असामान्य नहीं है, इसे बड़े ड्रमों में स्टोर किया जाता है और पूरे साल इसका उपयोग किया जाता है।”

डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उस पर आधारित सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। जनसत्ता इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की गरिमा या भावनाओं को ठेस पहुँचाना है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं को पूरी सावधानी और संदर्भ के साथ देखें।