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VIDEO: दिखा बीएसपी चीफ का स्‍टाइल, बेडरूम के बाहर लिखा- मायावतीजी विश्राम कक्ष

बंगला खाली करने के दौरान मायावती ने वहां मौजूद पत्रकारों को इस बंगले की एक झलक दिखाई। उन्होंने कहा, "आप मेरे साथ इस पूरे परिसर का भ्रमण जरूर करें। इसकी फोटोग्राफी करें। उस आवासीय भाग को भी देखें जिसमें मैं अब तक रहती थी।'' इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को खुद पूरे परिसर का भ्रमण कराया।

2 जून 2018 को यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपना बंगला खाली कर दिया (फोटो-पीटीआई)

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ स्थित अपना बंगला खाली कर दिया है। ये बंगला राजधानी के 13-ए, माल एवेन्यू में स्थित है। शनिवार को मायावती ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ”13—ए, माल एवेन्यू के जिस भाग में मैं ठहरती रही हूं, उसे दो जून से खाली कर रही हूं।” बता दें कि उत्तर प्रदेश के राज्य संपत्ति विभाग ने प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस दिया था। बंगले को खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। मायावती ने निर्धारित समयसीमा के भीतर ही बंगला खाली किया है। बंगला खाली करने के दौरान मायावती ने वहां मौजूद पत्रकारों को इस बंगले की एक झलक दिखाई। उन्होंने कहा, “आप मेरे साथ इस पूरे परिसर का भ्रमण जरूर करें। इसकी फोटोग्राफी करें। उस आवासीय भाग को भी देखें जिसमें मैं अब तक रहती थी।” इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को खुद पूरे परिसर का भ्रमण कराया।

जब पत्रकार मायावती के बेडरुम में पहुंचे तो ये बड़ा भव्य कमरा था। इस कमरे के बाहर एक बड़ी घड़ी लगी हुई थी। उसके नीचे ‘मायावतीजी विश्राम कक्ष’ लिखा हुआ था। उन्होंने बताया कि इस परिसर में मुख्य तौर पर विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, बैठक कक्ष, जलपान कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, भोजनालय, जेनरेटर रूम, लिफ्ट स्थल, पेड—पौधे हैं । मायावती ने कहा, ”परिसर में कांशीराम की भव्य प्रतिमा लगी है और मेरी भी प्रतिमा लगी है। इसमें हाथियों की गैलरी, फव्वारे और बारादरी है। कई संतरी पोस्ट, अंडरग्राउण्ड पार्किंग और सुरक्षार्किमयों के लिए कमरों की उचित व्यवस्था है।”

बीएसपी प्रमुख मायावती के बंगले की तस्वीरें देखने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें। इसे मायावती ने 2 जून को खाली किया है।

मायावती ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के देहांत के बाद देश में गरीबों और अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा कांशीराम ने पूरी जिन्दगी इनके उत्थान के लिए काम किया। उनके सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 13 जनवरी 2011 को राज्य कैबिनेट की बैठक में 13—ए, माल एवेन्यू में कांशीराम यादगार विश्राम स्थल बनाने का फैसला किया था। उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट के उक्त फैसले के द्वारा पूर्ण परिसर को जनमानस के लिए लोकार्पित किया गया है। कांशीराम उत्तर प्रदेश से लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। पार्टी के कार्य से लखनउ आने के दौरान वह इसी परिसर में ठहरते थे, जिससे उनका इस परिसर से काफी लगाव हो गया था। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार आवासीय भाग छोडने के बाद अब यह बंगला मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल कहलाएगा। शासनादेश में स्पष्ट है कि इसकी सुरक्षा और रखरखाव का जिम्मा प्रदेश सरकार का है।

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