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बीजेपी सांसद ने कार्यकर्ता से धुलवाया पैर, पीने दिया वह पानी, मलानत पर जायज भी ठहराया

झारखंड में पुल बनवाने की खुशी में एक भाजपा कार्यकर्ता के अपने स्थानीय सांसद का पैर धोकर पीने का मामला सामने आया है।

झारखंड में कनभारा पुल के शिलान्यास के कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता ने सार्वजनिक मंच पर सांसद के पैर धोए और वह पानी पी लिया।

झारखंड में पुल बनवाने की खुशी में एक भाजपा कार्यकर्ता के अपने स्थानीय सांसद का पैर धोकर वह पानी पीने का मामला सामने आया है। सांसद ने खुद फेसबुक पोस्ट लिखकर कार्यकर्ता के इस कार्य की तारीफ की है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हो रही है। दरअसल, झारखंड के गोड्डा संसदीय क्षेत्र से सांसद डॉ. निशिकांत दुबे एक पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। इसी दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता ने पहले तो उनके पांव धोए और फिर वह पानी पी भी गए। इस घटना का विरोध करने की बजाय डॉ. निशिकांत दुबे ने अपनी फेसबुक वाल पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए कार्यकर्ता की काफी प्रशंसा की, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है।

झारखंड में कनभारा पुल के शिलान्यास के कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता ने सार्वजनिक मंच पर सांसद के पैर धोए और वह पानी पी लिया। इसकी तस्वीर अपने फेसबुक पर डालते हुए सांसद ने लिखा कि आज मैं खुद को बहुत छोटा कार्यकर्ता समझ रहा हूं। उन्होंने बताया कि भाजपा के महान कार्यकर्ता पवन साह ने पुल बनाने की खुशी में हजारों लोगों के सामने उनके पैर धोए। उन्होंने आगे ऐसी इच्छा भी जताई कि उन्हें भी यह मौका मिले और वह भी कार्यकर्ता के पैर धोकर ‘चरणामृत’ पिएं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर सांसद की काफी आलोचना हुई।

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आलोचनाओं का जवाब देते हुए सांसद दुबे ने फेसबुक पर ही एक और पोस्ट लिखा। इस पोस्ट में दुबे ने कार्यकर्ता के इस कृत्य को सही ठहराते हुए अपने आलोचकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा- “अपनों में श्रेष्ठता बांटी नही जाती और कार्यकर्ता यदि खुशी का इजहार पैर धोकर कर रहा है तो क्या गजब हुआ?” उन्होंने संस्कृति और परंपरा के हवाले से कहा कि पैर धोना तो झारखंड में अतिथि के लिए होता ही है। सारे कार्यक्रम में आदिवासी महिलाएँ क्या यह नहीं करती हैं? उन्होंने अपनी आलोचना को गलत ठहराते हुए लिखा कि इसे राजनीतिक रंग क्यों दिया जा रहा है? अतिथि के पैर धोना गलत है तो अपने पुरखों से पूछिए कि महाभारत में कृष्ण जी ने क्या पैर नहीं धोए थे? लानत है घटिया मानसिकता पर।

सांसद की इस प्रतिक्रिया के बाद लोगों ने और मुखर होकर उनकी आलोचना शुरू कर दी है। हालांकि, झारखंड भाजपा के किसी बड़े नेता की इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। झारखंड के गोड्डा से सांसद डॉ. निशिकांत दुबे लोकमत पार्लियामेंट्री अवार्ड 2018 के लिए बेस्ट सांसद के रूप में चुने गए हैं। दिसंबर में उन्हें यह अवार्ड दिया जाएगा।

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