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गुरदासपुर उपचुनाव में AAP की जमानत जब्‍त होने पर मजे ले रहे थे भाजपा आइटी सेल प्रमुख, लोगों ने किया ट्रोल

मालवीय के इस ट्वीट पर यूजर्स उन पर बरस पड़े। ट्वीट कर किसी ने उनके मजे लिए, तो कोई उनके पोस्ट को कुतर्क बताते नजर आया।

भारतीय जनता पार्टी के आइटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर अपने एक ट्वीट में आम आदमी पार्टी की चुटकी ली थी।

पंजाब के गुरदासपुर में लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। पार्टी के सुनील जाखड़ ने एक लाख 93 हजार मतों से भाजपा के सवर्ण सिंह सलारिया को हराया है। भाजपा आइटी सेल प्रभारी अमित मालवीय इसे हल्के में ले रहे थे। सोमवार को उन्होंने जब इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और उसमें अपनी हार से ज्यादा आम आदमी पार्टी की हार पर जोर दिया, तो यूजर्स ने इस पर उन्हें ट्रोल किया। सोमवार को मालवीय ने ट्वीट किया कि गुरदासपुर सीट भले ही भाजपा-अकाली ने कांग्रेस से गंवा दी हो, जिसने चुनाव जीता है। लेकिन बड़ी बात यह है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की जमानत जब्त हो गई।

मालवीय के इस ट्वीट पर यूजर्स और भाजपा समर्थक उन पर बरस पड़े। ट्वीट कर किसी ने उनके मजे लिए, तो कोई पार्टी के आईटी सेल को खराब बताते नजर आया। इतना ही नहीं, एक यूजर ने उन्हें इस्तीफा देने तक के लिए कह दिया। उनके पोस्ट को कुतर्क बताया और अकाउंट डिलीट करने की हिदायत दी।

भाजपा आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। भाजपा आइटी सेल प्रमुख की इस टिप्पणी पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और लिखा कि आपसे इस तरह के कमेंट की उम्मीद नहीं थी। वहीं, कई लोगों ने उन्हें भाजपा की जीत से ज्यादा जरूरी और आम आदमी पार्टी की हार पर चुटकी लेने को लेकर घेरा। उधर, कुछ यूजर्स ने मालवीय की टिप्पणी की कुतर्क बताते हुए अकाउंट डिलीट करने की सलाह तक दे डाली।

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में जाखड़ ने भाजपा प्रत्याशी को 1,93,219 मतों के अंतर से हराया है। कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने गुरदासपुर, चंडीगढ़ और अन्य स्थानों में पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर पहले ही जीत का जश्न मनाना शुरू किया था। इस सीट पर 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत हुई थी, जहां चार बार सांसद रहे विनोद खन्ना के अप्रैल में निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। लगभग 15.22 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 56 प्रतिशत ने इस चुनाव में अपना मताधिकार का प्रयोग किया था, हालांकि 2014 के आम चुनावों में हुए 70 प्रतिशत मतदान के मुकाबले इस बार काफी कम मतदान हुआ।

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