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परेश रावल बोले- मोदी पर भरोसा रखिए वे रास्‍ता ढूंढ़ लेंगे, लोगों ने पूछा- 3 साल से यही तो कर रहे, अब क्‍या?

परेश रावल ने नरेंद्र मोदी के बयान को कोट करते हुए कहा कि 'नरेंद्र मोदी पर विश्‍वास रखिए। या तो वह रास्‍ता ढूंढ लेंगे या बना लेंगे।''

राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (Photo: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (4 अक्‍टूबर) को पहली बार अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने आलोचकों से कहा कि वे नकारात्मकता न फैलाएं और साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने का वादा किया। इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेकेट्ररीज के स्वर्ण जयंती समारोह में मोदी ने कहा, “पिछले तीन सालों में 7.5 प्रतिशत विकास दर के बाद गिरावट आई है। मैं इससे इंकार नहीं कर रहा। सरकार अर्थव्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। हम निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, “हमने कई सारे कदम उठाए हैं। वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जाएगी। हम निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।”

भाजपा सांसद परेश रावल ने नरेंद्र मोदी के इसी बयान को कोट करते हुए कहा है कि ‘नरेंद्र मोदी पर विश्‍वास रखिए। या तो वह रास्‍ता ढूंढ लेंगे या बना लेंगे।”

हालांकि लोगों को ‘विश्‍वास बनाए रखने’ की बात समझ में नहीं आई। एक यूजर ने पूछा, ‘अगर तीन साल बाद भी वे (मोदी) रास्‍ता ही खोज रहे हैं तो हमें उनपर विश्‍वास नहीं करना चाहिए।’ चिरदीप तोमर ने पूछा, ‘क्‍या आपको पहले की सरकारों के बारे में ऐसा ही महसूस हुआ? आपके विकल्‍प क्‍या हैं? पप्‍पू या केजरी?’ एक अन्‍य यूजर ने कहा, ”पिछले प्रधानमंत्रियों ने कभी लाल किले से झूठ नहीं बोला। ये पीएम हर दूसरे दिन जुमला लेकर आ जाते हैं। झूठे प्रधानमंत्री से कोई भी ईमानदार राजनेता अच्‍छा है।”

देखें परेश रावल को किस तरह के जवाब मिले:

मोदी ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और विपक्षी दलों ने आर्थिक सुस्ती और बेरोजगारी को लेकर तीखा हमला बोला है, जिसके बाद अर्थव्यवस्था की सेहत को लेकर बहस शुरू हो गई है। उन्होंने आलोचकों की तुलना महाभारत के शल्य से की, जो कर्ण का सारथी था। वह हमेशा राजा को हतोत्साहित करता रहता था। मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।

मोदी ने कहा कि उनकी “सरकार संवेदनशील है और कड़ी आलोचना का भी स्वागत करती है और हम उन सभी को विनम्रता और गंभीरता से लेते हैं।” मोदी ने कहा, “मैं सभी को, अपने आलोचकों को भी, आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम ऐसा नहीं मानते कि सबकुछ गलत है। लेकिन नकारात्मकता फैलाने से बचना चाहिए।”

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