बिहार में भरत तिवारी की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। यह घटना 17 जून को सुबह हुई थी। उसके बाद से ही मामला राजनीतिक रूप से गर्म हो गया और बीजेपी के ही कई नेता पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कुशवाहा ने मृतक भरत तिवारी की तुलना कुत्ते-बिल्ली से की है।
नागमणि कुशवाहा एक यूट्यूब चैनल से बात कर रहे थे। पत्रकार उनसे भरत तिवारी की पुलिस की गोली से मौत को लेकर सवाल पूछता है। इसके जवाब में नागमणि कुशवाहा कहते हैं कि यह सब कुत्ता बिल्ली का नाम लेते हैं, भरत तिवारी क्रिमिनल था और मारा गया, बात खत्म। नागमणि कुशवाहा का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और कई लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।
भरत तिवारी एक गुंडा था- नागमणि
नागमणि कुशवाहा ने कहा कि भरत तिवारी एक गुंडा था और पुलिस कार्यवाही में मारा गया। जब उनसे पत्रकार पूछता है कि उन्हें लोग भगत सिंह कह रहे हैं? नागमणि कुशवाहा ने कहा कि वहां विधायक, सांसद हैं, करोड़ों लोग हैं और हर कोई अलग-अलग मांग करेगा तो वो भगत सिंह हो जाएगा?
भगवान राम को भगवान मानने से कर चुके हैं इनकार
सोशल मीडिया पर नागमणि कुशवाहा का एक और पुराना बयान वायरल हो रहा है। इस बयान में नागमणि कुशवाहा कहते हैं कि वह भगवान राम को भगवान नहीं मानते हैं। वायरल वीडियो में नागमणि कुशवाहा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “मैं डंके की चोट पर इस बात को कहना चाहता हूं कि राम कोई भगवान नहीं हैं। और अगर राम भगवान थे या फिर हैं, तो मर क्यों गए?”
कौन हैं नागमणि कुशवाहा?
नागमणि कुशवाहा की गिनती सम्राट चौधरी के करीबी नेताओं में होती हैं। नागमणि 14 बार दल बदल चुके हैं। अगस्त 2025 में आखिरी बार बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले भी वह दो बार बीजेपी में शामिल हो चुके थे। नागमणि कुशवाहा लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, विधान परिषद यानी चारों सदनों में जा चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेई सरकार में नागमणि कुशवाहा मंत्री भी थे। नागमणि के पिता जगदेव प्रसाद बड़े समाजवादी नेता थे।
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28 वर्षीय भरत तिवारी एक साधारण निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनके बिहार पुलिस में चालक पद से सेवानिवृत्त होकर गाँव में रहते थे।क्लिक कर पढ़िए भरत तिवारी कौन थे
