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ऐसा गठजोड़ जो देश को दीमक की तरह खा रहा था- तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी पर भाजपा नेता ने किया ट्वीट, मिले ऐसे जवाब

कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा कि “तीस्ता सीतलवाड़ मतलब पत्रकार, राजनेता, NGO, कुछ वकीलों और आतंवादियों का ऐसा गठजोड़ जो इस देश को दीमक की तरह खा रहा था।

teesta Setalvad| ATS| gujarat
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ (photo source- The Indian Express)

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगा मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य लोगों को विशेष जांच दल (SIT) से क्लीन चिट दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसके एक दिन बाद (25 जून को ) एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात ATS ने हिरासत में ले लिया। अब इस पर सोशल मीडिया पर लोग तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा कि “तीस्ता सीतलवाड़ मतलब पत्रकार, राजनेता, NGO, कुछ वकीलों और आतंवादियों का ऐसा गठजोड़ जो इस देश को दीमक की तरह खा रहा था। विदेशी पैसों से देश को जलाने वाला पूरा गैंग सामने आएगा, जिस दिन तीस्ता सीतलवाड़ का असली सच देश के सामने आएगा।”  

पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने लिखा कि तीस्ता सीतलवाड़ को करोड़ों की फंडिंग मिल रही थी नरेंद्र मोदी जी को बदनाम करने के लिए। और कैसे तीस्ता मीडिया को भी अपनी मुहिम में इस्तेमाल कर रही थी, इसका खुलासा मैंने कुछ साल पहले अपनी पुस्तक Narendra Modi Censored में किया था।” पत्रकार दीपक चौरसिया ने लिखा कि “जैसी करनी वैसी भरनी! हमेशा से दूसरों पर आरोप लगाने वाली तीस्ता सीतलवाड़ आज खुद गुजरात एटीएस के शिकंजे में है। इनपर गुजरात दंगा पीड़ितों की भावनाओं से खेलने का आरोप है। घिनौनी राजनीति से प्रेरित इनकी सोच जगज़ाहिर है”

कुश आंबेडकरवादी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा सरकार इतनी कायर है कि विरोध की आवाजों को कुचलने के लिए असंवैधानिक हथकंडे अपना रही है। हम सब साथ है तीस्ता सीतलवाड़ जी।’

रौनक पटेल ने लिखा कि तीस्ता सीतलवाड़ अकेली जेल में नहीं जाएंगी, साथ में 50 और लोगों को लेकर जाएंगी। जिस काम के लिए सुब्रमण्यम स्वामी 10 साल से प्रयत्न कर रहे हैं वह काम यह सिर्फ 10 दिन में निपटा देंगी।’ शम्स तबरेज कासमी ने लिखा कि ‘मशहूर एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी सच बोलने की सजा है। गुजरात दंगा और मुसलमानों के कत्ल का सच सामने लाने में तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद ने अहम किरदार अदा किया था।’

बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने ANI को दिए इंटरव्यू में भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि जाकिया जाफरी किसी और के निर्देश पर काम करती थी। NGO ने कई पीड़ितों के हलफनामे पर हस्ताक्षर किए और उन्हें पता भी नहीं है। सब जानते हैं कि तीस्ता सीतलवाड़ की NGO ये सब कर रही थी और उस समय की आई UPA की सरकार ने NGO की बहुत मदद की है।

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