बिहार के पटना में छात्र प्रदर्शन के समय एक 6 साल का बच्चा चर्चा का विषय बन गया। झुग्गी बस्ती में रहने वाला छह साल का इस बच्चे ने भी पटना में प्रदर्शन में शामिल होकर सबका ध्यान खींचा। पटना के पुनाईचक इलाके का रहने वाला आदित्य उस समय आकर्षण का केंद्र बन गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो रही थी।
आदित्य ने मीडिया से बेझिझक बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस्तीफा देना चाहिए और लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” इस बीच सोशल मीडिया पर अफवाह फैल गई कि प्रदर्शन में शामिल होने के कारण आदित्य को पुलिस ने ”गिरफ्तार” कर लिया है।
माता घरेलू सहायिका पिता करते हैं मजदूरी
हालांकि पुलिस ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां के सौंप दिया गया। आदित्य की मां घरेलू सहायिका हैं, जबकि उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “हमने उसके माता-पिता को भी सलाह दी है कि ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में बच्चे को अकेले बाहर नहीं निकलने दें।”
“जेन अल्फा” के लगे नारे
उधर, प्रदर्शनकारियों ने भी आदित्य की मौजूदगी का उत्साह के साथ स्वागत किया। जब उसे छोड़ा गया तो वहां मौजूद युवाओं ने “जेन अल्फा” के नारे लगाए। आदित्य के माता-पिता सहित अधिकांश लोगों का मानना है कि आदित्य दुनिया के प्रति अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा के कारण ऐसे आंदोलनों की ओर आकर्षित होता है और बड़े होने के साथ यह उत्सुकता कम हो सकती है।
माथे पर छोटा सा तिलक, टी-शर्ट और डेनिम की पैंट पहने आदित्य हालांकि मीडिया से मुस्कराते हुए यही कहता रहा कि वह “भविष्य की चिंता करने वाले एक नागरिक के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहा था।” खैर, इस खबर पर आपकी क्या राय है।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है, जिसमें वह बैसाखी के सहारे पुलिस अधीक्षक (SP) के ऑफिस पहुंचकर अपने घर में पानी की सप्लाई बहाल करने के लिए उनका शुक्रिया अदा करती दिख रही हैं। पुलिस अफसर को देखते ही दिव्यांग रोने लगी इस पर महिला अधिकारी ने उसे गले से लगा लिया। चलिए बताते हैं कि पूरी कहानी क्या है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
