Bengaluru Cat Controversy: बेंगलुरु के सीशादीपुरम में दो पड़ोसियों के बीच बिल्ली के चार बच्चों की कस्टडी को लेकर विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने समझदारी से पूरे मामले को सुलझाया और बिल्ली के बच्चों को अपने संग लेकर चली गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार उक्त इलाके में रहने वाले दो लोगों को घर पालतू जानवर हैं। एक के घर बिल्ली और दूसरे के घर बिल्ला है। आरोप है कि बिल्ला ने बिल्ली को गर्भवति कर दिया। कुछ महीनों बाद बिल्ली ने चार बच्चों को जन्म दिया। इस बात से नाराज बिल्ली की मालकिन ने बच्चों को उठाया और उसे बिल्ला के मालिक के घर के बाहर रख आई।
बिल्ली की मालकिन का तर्क था कि चूंकि बच्चों का पिता उसका बिल्ला है, तो उन्हें पालने की जिम्मेदारी भी उन्ही की है। हालांकि, पड़ोसी ने इस बात से इनकार कर दिया। ऐसे में दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई। इलाके में रहने वाले अन्य लोग यह हाई वॉल्टेज ड्रामा देखते रहे। स्थिति बिगड़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना पाकर गश्ति करने वाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और फिर बिल्ली के बच्चों को अपने साथ ले जाने का फैसला लिया। पुलिस ने कहा कि वो बिल्लियों को किसी थर्ड पार्टी को सौंपेगी, जिससे दोनों ही परिवारों को उन्हें पालने की जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ेगी।
पुलिस के इस फैसले पर दोनों पक्ष राजी हो गए। मामले में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, पुलिस ने इस मौके पर दोनों परिवारों को छोटी-छोटी बातों को बढ़ाने से रोकने की सलाह दी और उन्हें मोहल्ले में शांति बनाए रखने की हिदायत दी।
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जूनाबाई’, जिसके नाम में ही ‘जूना’ का मतलब है बूढ़ा और बाई का अर्थ है स्त्री। यह नाम ताडोबा की आदिवासी देवी के नाम से भी मिलता-जुलता है। शुरुआत में शर्मीली यह बाघिन अपने शावकों के लिए योद्धा बन गई। पूरी खबर पढ़ें…
