बेंगलुरु के एक शख्स ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की है, गूगल फ़ोटोज पर उसे अपनी कुछ पुरानी तस्वीर दिखी जिसमें स्विगी डिलीवरी पार्टनर आईकार्ड की फोटो भी शामिल थी। जिसने उसकी पुरानी यादें जाता कर दीं। इसके बाद कौशिक खारवी ने स्विगी ID कार्ड की तस्वीर शेयर की और बताया कि कभी वे बेंगलुरु के कुछ बेहतरीन सीफ़ूड रेस्टोरेंट के पिकअप काउंटर पर इंतजार करते थे और फूड डिलीवरी करते थे। आज वे एक सीफूड रेस्टोरेंट के मालिक हैं मगर कभी वे अपने दोस्तों से यह बात छिपाते थे कि वे फूड डिलवरी का काम करते थे।

दरअसल, नौ साल पहले कौशिक खारवी ने अपनी जिंदगी के एक मुश्किल दौर में स्विगी के साथ पार्ट-टाइम डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करना शुरू किया था। पीछे मुड़कर देखने पर उन्होंने बताया कि डिलीवरी करते समय वे अपने दोस्तों से छिपते थे, क्योंकि उन्हें डर था कि दोस्त उन्हें “सिर्फ़ एक डिलीवरी करने वाला” समझेंगे, कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

कहानी याद कर भावुक हुआ शख्स

जब Google Photos ने पुरानी यादें ताज़ा कीं, तो कौशिक ने Instagram पर उन दिनों की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें उनका Swiggy ID कार्ड भी शामिल था। उन्हें याद आया कि कैसे वे बेंगलुरु के कुछ बेहतरीन सीफ़ूड रेस्टोरेंट के पिकअप काउंटर पर डिलीवरी के लिए इंतज़ार किया करते थे।

लेकिन आज, कौशिक उन्हीं रेस्टोरेंट काउंटर के दूसरी तरफ़ हैं। उन्होंने शहर में ‘Mangalore in Bangalore’ नाम का एक मशहूर सीफ़ूड ज्वाइंट शुरू किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “टॉप सीफ़ूड रेस्टोरेंट के पिकअप काउंटर पर इंतज़ार करने से लेकर बेंगलुरु में शहर के मशहूर सीफ़ूड रेस्टोरेंट ‘मैंगलोर’ को बनाने तक का सफ़र।”

कौशिक ने कहा कि ग्राहकों, पार्टनर और टीम के सहयोग के बिना उनकी यह तरक्की मुमकिन नहीं हो पाती: “इससे बेहतर की उम्मीद नहीं कर सकता था, और यह सब हमारे ग्राहकों, पार्टनर और मेरी पूरी टीम के ज़बरदस्त सहयोग की वजह से हुआ है। अभी तो लंबा सफ़र तय करना बाकी है।” उन्होंने स्विगी का भी शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने उन्हें ऐसे समय में मौका दिया, जिसे उन्होंने अपने “मुश्किल दिन” बताया।

“गरीबी से अमीरी तक की कहानी”

उनकी पुरानी तस्वीर वाली पोस्ट वायरल हो गई, क्योंकि सोशल मीडिया यूज़र्स ने कौशिक के शुरुआती संघर्ष और आज की उनकी स्थिति के बीच के अंतर की सराहना की। उनके सफ़र को “गरीबी से अमीरी तक की कहानी” बताया गया; एक यूज़र ने सही कहा कि उनकी असली दौलत वे “अनुभव, संघर्ष और अंत में मिली जीत” थी जो उन्हें इस सफ़र के दौरान मिली।

एक और कमेंट में लोगों की प्रतिक्रिया को आसान शब्दों में बताया गया: “इंटरनेट पर अजनबियों के लिए खुश होने का एक और दिन।” फ़ूड डिलीवरी करने से लेकर अपना रेस्टोरेंट चलाने तक के उनके सफ़र की भी तारीफ़ हुई और इसे “आने वाले उद्यमियों के लिए सचमुच प्रेरणादायक” बताया गया। एक देखने वाले ने तो यह भी कहा, “आप पर गर्व है।”

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तमिलनाडु पुलिस द्वारा शेयर किए गए एक वायरल वीडियो में कॉन्स्टेबल एम. वेलमुरुगन को कोयंबटूर में संदिग्ध नशीले पदार्थों के तस्करों को रोकने के लिए तेज़ रफ़्तार कार की छत से 40 किलोमीटर तक लटके हुए देखा जा सकता है। इस घटना के बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स उनकी बहादुरी के लिए उन्हें तुरंत प्रमोशन देने की मांग कर रहे हैं। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…