Bengal Labourer son Success Story: “कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों” मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की यह प्रसिद्ध पंक्ति सनातन हल्दर पर एकदम सटीक बैठती है। सालों तक, लोगों को लगता था कि बंगाल के रहने वाले सनातन अपने पिता की तरह ही दिहाड़ी मजदूर बनेंगे। लेकिन, उन्होंने लोगों की तानों के बजाय किताबों पर फोकस किया।
लोगों के तानों का दिया करारा जवाब
उनके इसी साहसी फैसले ने अब उनकी कहानी को इस बात की वायरल मिसाल बना दी है कि लगन और मेनहत से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। एक मजदूर के बेटे सनातन, उन उम्मीदों के साथ बड़े हुए जो समाज अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड के बच्चों से रखता है।
पड़ोस में रहने वाले कई लोगों को लगा कि वह भी उसी रास्ते पर चलेंगे। लेकिन, उन्होंने एक अलग रास्ता चुना, जो किताबों, देर रात की पढ़ाई और कॉम्पिटिटिव एग्जाम में बार-बार कोशिशों से भरा था, जो कई उम्मीदवारों का हौसला तोड़ देते हैं। इनदिनों इंटरनेट पर वायरल हो रहा सनातन का एक वीडियो पश्चिम बंगाल में उनके टीनएज के दिनों से लेकर उनकी कामयाबी के खास पलों तक का सफ़र दिखाता है।
वीडियो एक के बाद एक सरकारी एग्ज़ाम पास करना, अपनी पहली फ़्लाइट में बैठना, भारत सरकार का टैग लगी कार के बगल में गर्व से पोज देना, और बड़े-बड़े सरकारी मीटिंग्स में शामिल होना के बारे में है। हर फ्रेम चुपचाप यह दिखाता है कि वह कितनी दूर आ गए हैं, रातों-रात नहीं, बल्कि धीरे-धीरे, मेहनत से।
आज, सनातन भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के तौर पर काम करते हैं। उनके बायो में उनकी उपलब्धियां गर्व से लिखी हैं: GST इंस्पेक्टर 2024, साथ ही भारत के कुछ सबसे मुश्किल कॉम्पिटिटिव एग्जाम पास करना। इनमें CASE (कंबाइंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज़ एग्ज़ामिनेशन), SSC CGL (स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन – कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्ज़ामिनेशन), CHSL (कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल एग्ज़ामिनेशन), और MTS (मल्टी-टास्किंग स्टाफ़ एग्ज़ामिनेशन) शामिल हैं।
शेयर किए जाने के बाद से, इस वीडियो को लाखों व्यूज मिल चुके हैं, और इंस्टाग्राम यूजर्स कमेंट सेक्शन में हौसला बढ़ाने, गर्व और तारीफ के मैसेज भेज रहे हैं। कई लोगों ने उनकी कहानी को इस बात की याद दिलाया है कि कामयाबी सिर्फ अमीर लोगों को नहीं मिलती, बल्कि लगन से मिलती है।
