अरविंद केजरीवाल सरकार ने यमुना घाट पर छठ पर्व मनाने पर लगाई रोक तो भड़के BJP नेता, कहा- मैं करुंगा पूजा, हिम्मत है तो रोक कर दिखाएं

दिल्ली में छठ पूजा आयोजन को लेकर DDMA ने गाइडलाइंस जारी की हैं। आदेश के मुताबिक राजस्व महकमे को छठ पूजा आयोजन के लिए साइट चिन्हित करने और उसे तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यमुना नदी के किनारे पर छठ पूजा के लिए कोई साइट नहीं बनाई जाएगी।

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छठ पूजा के दौरान अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देतीं महिलाएं। फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

छठ पूजा को लेकर दिल्ली की सियासत में टकराव का सिलसिला बरकरार है। ताजा मामले में बीजेपी ने यमुना नदी के किनारों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सरासर गलत है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्राधिकरण के फैसले को वह नहीं मानने वाले।

पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह कदम पूर्वांचलियों की धार्मिक आस्थाओं से खेलने जैसा है। वह छठ का पर्व यमुना के घाट पर ही मनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह यह जान कर हैरत में हैं कि श्रद्धालुओं को छठ पर्व यमुना नदी के किनारों पर मनाने की अनुमति नहीं है। पश्चिमी दिल्ली के सांसद ने इस फैसले पर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि वह यमुना घाट पर ही छठ मनाएंगे।

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि छठ पूर्वांचल के भाइयों और बहनों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। उस पर प्रतिबंध लगाना उनकी मान्यताओं के साथ खेलने जैसा है। केजरीवाल जी, मैं खुद यमुना के आईटीओ घाट में जाऊंगा। जाकर देखूंगा कि वहां छठ पूजा हो। अगर आप मुझे रोक सकें तो रोक लीजिए।

दिल्ली में छठ पूजा आयोजन को लेकर DDMA ने गाइडलाइंस जारी की हैं। आदेश के मुताबिक राजस्व महकमे को छठ पूजा आयोजन के लिए साइट चिन्हित करने और उसे तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यमुना नदी के किनारे पर छठ पूजा के लिए कोई साइट नहीं बनाई जाएगी। चिन्हित साइट पर ही श्रद्धालु पूजा से जुड़े सामान प्रवाहित कर सकेंगे। सामान के डिस्पोजल की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम की होगी। श्रद्धालुओं के किसी भी तरह की पूजा की सामग्री नदी में प्रवाहित करने की सख्त मनाही है।

सभी आयोजकों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और यमुना मॉनिटरिंग कमेटी के सभी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। सभी छठ पूजा समितियों को आयोजन की अनुमति के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को एक अंडरटेकिंग देनी होगी। ये सुनिश्चित करना होगा कि अलग-अलग एजेंसियों द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन हो। सभी जिलाधीशों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने इलाकों में कोरोना नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान चलाएं।

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