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वीडियो: रिपब्लिक पर अरनब गोस्वामी ने पूछा हिंदुओं को भड़काना सेकुलर होना है, टाइम्स नाउ पर कहा था- मैं धार्मिक एंगल पर बात नहीं करूंगा

अरनब गोस्वामी के टाइम्स नाउ और रिपब्लिक टीवी पर दिए गये बयानों का वीडियो ट्विटर पर कांग्रेस की डिजिटल टीम के सदस्य ने शेयर किया है।
अरनब बनाम अरनब वीडियो कांग्रेस के डिजिटल टीम के गौरव पांधी ने ट्विटर पर शेयर किया है। (वीडियो स्क्रीनशॉट)

टीवी एंकर अरनब गोस्वामी के डिबेट शो के प्रशंसकों और आलोचकों दोनों को ही कई बार इस बात का मलाल होता है कि अरनब के सामने उनके जैसा ही कोई हो तो ज्यादा मजा आता। ऐसे लोगों की इच्छा अब पूरी हो गयी है। ट्विटर पर कांग्रेस डिजिटल टीम के गौरव पंधी द्वारा शेयर किया गया “अरनब बनाम अरनब” डिबेट वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो  में अरनब गोस्वामी के पुराने चैनल टाइम्स नाउ में डिबेट के दौरान कही गई बातों को उनके नए चैनल रिपब्लिक टीवी में कही बातों के बरक्स रखा गया है। वीडियो में बीफ, बेरोजगारी, अच्छे दिन पर अरनब के दोनों चैनलों में दिए बयानों के क्लिप का इस्तेमाल किया गया है। पंधी के मंगलवार (30 मई) को किए गए ट्वीट को बुधवार (31 मई) दोपहर 12 बजे तक 3300 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं।

गौरव पंधी ने ट्वीटर पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “आपको ये पसंद आएगा। टाइम्स नाउ बनाम रिपब्लिक। मरी हुई नैतिकता और अंतरात्मा वाला एक पत्रकार। हालांकि नंगे को नंगा करना बेकार है।” वीडियो शुरू होते ही रिपब्लिक के अरनब गोस्वामी कहते नजर आते हैं, “लेडीज एंड जेंटलमैन, बछड़े की जान लेने में सेकुलर क्या है? बछड़े का मांस खाने में सेकुलर क्या है? मैं सभी सूडो सेकुलर लोगों से पूछना चाहूंगा कि आजकल पापुलर हो रहे बीफ प्रोटेस्ट में सेकुलर क्या है?” रिपब्लिक के अरनब के इस बयान के बाद टाइम्स नाउ के अरनब वीडियो में कहते हैं, “आप महंगाई की बात नहीं करेंगे लेकिन इसे मुद्दा बनाएंगे। आज नौकरियां नहीं हैं। आम आदमी के अच्छे दिन नहीं आए। लेकिन आप इसे मुद्दा बनाएंगे, लोगों का संशय बढ़ता जा रहा है कि नौकरी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इन चीजों को मुद्दा बनाया जा रहा है।”

रिपब्लिक टीवी पर अरनब कह रहे हैं कि “क्या भारत के हिंदुओं को भड़काना सेकुलर होना है।” इसके बाद टाइम्स नाउ पर वो कहते नजर आ रहे हैं, “मैं इसके धार्मिक पहलू पर कमेंट भी नहीं करना चाहूंगा।…. क्योंकि मेरे लिए ये धार्मिक मामला नहीं है… लेकिन ये साफ है आप खाने के मुद्दे का इस्तेमाल लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना चाहते हैं।”  रिपब्लिक पर अरनब गोस्वामी दोबारा पूछते हैं, “क्या हिंदुओं को जान बूझकर आहत करना सेकुलर होना है?” टाइम्स नाउ के क्लिप में अरनब कहते नजर आते हैं, “एक सेकेंड, एक सेकेंड…गहरी सांस लीजिए….यहां आप हिंदू हैं, मैं हिंदू हूं. इस पैनल में कई और हिंदू भी हैं…आप इसे धार्मिक मामला बनाने की कोशिश मत कीजिए, आइए तार्किक  बहस करें….अगर ये धार्मिक मामला है तो मैं आपसे पूछना चाहूंगा कि आप मछली पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाते क्योंकि वो विष्णु का अवतार है….आप मटन पर बैन क्यों नहीं लगाते क्योंकि गांधीजी बकरी का दूध पीते थे और हम उन्हें मानते हैं….आप पोर्क और शराब पर रोक क्यों नहीं लगाते क्योंकि बहुत से मुसलमानों दोनों को वर्जित समझते हैं…।”

टीवी एंकर अरनब गोस्वामी ने एक पत्रिका द्वारा उन पर की जा रही स्टोरी के लिए संपर्क करने पर कहा था कि “पत्रकार खबर नहीं होते।” लेकिन खुद अरनब उनकी बात को कई बार गलत साबित करते हैं। अंग्रेजी टीवी चैनल टाइम्स नाउ में अपने शो न्यूजआवर से लोकप्रिय हुए पिछले कुछ सालों में लगातार मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं।

देखें अरनब गोस्वामी की रिपब्लिक बनाम टाइम्स नाउ डिबेट-

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