यूपी के मैहर ज़िले के काकरा आंगनवाड़ी केंद्र का एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें बच्चों को सिर्फ़ पूरी और नमक परोसा जा रहा था। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए और कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल (मध्य प्रदेश): सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चों को नमक के साथ पूरी खाते हुए दिखाने वाला एक वीडियो वायरल होने के तीन महीने बाद, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना मध्य प्रदेश के मैहर ज़िले के काकरा आंगनवाड़ी केंद्र में हुई थी।

यहां, पौष्टिक मिड-डे मील के नाम पर छोटे बच्चों को कथित तौर पर सिर्फ़ पूरी और नमक परोसा गया था। इस वीडियो ने आंगनवाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और लोगों ने इस लापरवाही के लिए सरकार की आलोचना की।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने लिया संज्ञान

मामला सामने आने के बाद, महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसका संज्ञान लिया और घटना की जांच के आदेश दिए। वीडियो में बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र में खाना खाते हुए दिख रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि खाने में उन्हें क्या दिया गया है, तो एक लड़की ने कहा, “पूरी और नमक…” अधिकारियों का कहना है कि वीडियो तीन महीने पुराना है।

इसके अलावा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र बांगड़े ने परियोजना अधिकारी अखिलेश दीपांकर को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। अधिकारी आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे और जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो लगभग तीन महीने पुराना लग रहा है। उन्होंने बताया कि इसे हाल ही में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की।

मीडिया से बात करते हुए DPO ने कहा, “मेरे संज्ञान में काकरा आंगनवाड़ी केंद्र का वीडियो आया है, जिसमें बच्चों को पूरी और नमक परोसा गया था। मैंने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।”

जांच रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई

ज़िला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि वीडियो से जुड़ी सभी जानकारियों की पुष्टि की जा रही है। तथ्यों और हालात की जांच के बाद प्रोजेक्ट अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, नियमों के अनुसार ज़िम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए चलाई जा रही पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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