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खास तिरंगा बनाने के लिए बुनकर ने बेच दिया घर, पीएम को किया गिफ्ट, सपना- लाल किले पर लहराए यह झंडा

आंध्र प्रदेश के बुनकर आर सत्यनारायण ने अपना पुरखों का घर बेचकर बनाया बुना हुआ तिरंगा बनाया है। उन्होंने यह तिरंगा पीएम मोदी को भेंट भी किया है।

प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

आंध्र प्रदेश के एक बुनकर ने खास तरह का तिरंगा बनाने के लिए अपना पुश्तैनी घर तक बेच दिया। बताया जा रहा है कि इस तिरंगे पर करीब 6.5 लाख रुपए खर्च हुए हैं। कुछ दिन पहले पीएम मोदी विशाखापटनम आए तो बुनकर ने यह तिरंगा उन्हें भेंट कर दिया। अब उनकी तमन्ना है कि यह तिरंगा लाल किले पर भी फहराया जाए।

यह है मामला : आंध्र प्रदेश के वेमावरम गांव निवासी आर सत्यनारायण बुनकर हैं। उनका सपना था कि वह एक ऐसा तिरंगा बनाएं, जो सिला हुआ नहीं, बुना हुआ हो।सत्यनारायण के अनुसार, उन्होंने 8फीट x 12फीट का तिरंगा बनाया है, जो देश में अब तक किसी ने नहीं किया। हालांकि, इसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।पहले उन्हें अंदाजा था कि यह तिरंगा बनाने में करीब 25 हजार रुपए खर्च होंगे, लेकिन जैसे-जैसे काम हुआ, लागत बढ़ती चली गई। बता दें कि यह तिरंगा बनाने में करीब 6.5 लाख रुपए खर्च हुए, जिसके लिए सत्यनारायण ने अपना पुश्तैनी मकान तक बेच दिया।

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तिरंगे के लिए स्पेशल बुनकर मशीन भी तैयार की: सत्यनारायण ने कहा कि बुनकर मशीन का स्टैंडर्ड साइज 4 फीट होता है। ऐसे में उन्होंने तिरंगे के लिए स्पेशल बुनकर मशीन भी तैयार की, जो 10 फीट चौड़ी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तिरंगा बनाने के लिए सत्यनारायण ने 60 बुनकरों की मदद ली थी। बताया जा रहा है कि पहले उन्होंने 4फीट x 6फीट के तिरंगे बनाए थे, लेकिन इंटरनेट पर पता चला कि लाल किले पर 8फीट x 12फीट का तिरंगे फहराया जाता है। इसके बाद उन्होंने उस साइज का तिरंगा बनाया।

 

ऐसे मिली प्रेरणाः सत्यनारायण के मुताबिक, बुना हुआ तिरंगा बनाने की प्रेरणा उन्हें एक शॉर्ट फिल्म से मिली थी। फिल्म ‘लिटिल इंडियंस’ में अभिनेता ने अशोक चक्र वाले तिरंगे को सिलकर बनाया था। यह फिल्म देख सत्यनारायण ने भी ठाना कि वह पूरी तरह बुना हुआ तिरंगा बनाएंगे। उन्होंने बताया कि तिरंगा बनाने में काफी नुकसान भी हुआ, जब 15 लाख का माल नाले में गिर गया था। हालांकि, उनकी मेहनत देखकर 2 स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की। सत्यनारायण ने बताया कि अभी लाल किले पर कर्नाटक के हुबली में बना तिरंगा लहराया जाता है, लेकिन उनका सपना है कि उनका बुना हुआ तिरंगा भी लाल किले पर लहराया जाए।

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