ताज़ा खबर
 

एंकर ने पूछा-राहुल गांधी या तेजस्वी यादव? जवाब मिला-लड़ाई मत करवाइए, कोई फायदा नहीं होने वाला

तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे और मेरे भाई के बीच लड़वाने की कोशिश हो रही है। मेरे घर को तोड़ने की कोशिश हो रही है। लेकिन हम लड़ने-झगड़ने वाले नहीं हैं।

तेजस्वी यादव के साथ राहुल गांधी (Photo source- Twitter)

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक कार्यक्रम में पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि वे अमृत पीकर नहीं आए हैं। साथ ही उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आप राहुल गांधी की बात कर रहे हैं। यहां तो मेरे और मेरे भाई से ही लड़वाना चाहता है। मेरे घर को तोड़ना चाहता है। लेकिन हमलोग लड़ने झगड़ने वाले नहीं है। इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में एंकर ने कहा कि राहुल गांधी को भी हम उतना ही दिखाते हैं, जितना नरेंद्र मोदी को। सवाल किया कि, “अगर जनतंत्र आपके हाथ में है, तो क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह का मुकाबला करने के लिए आपके पास कोई चेहरा है? कौन है वो चेहरा?” इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि, “देखिए इतना तय तो है कि झूठ बोलने वाला, जुमलेबाजी करने वाला चेहरा जनता को पसंद नहीं है। जनता वो चेहरा चाहती है जो काम करे। कोई व्यक्ति विशेष से काम नहीं होता। सरकार चलाने के लिए नीति, नियम, नीयत होनी चाहिए, जो कि नरेंद्र मोदी जी में नहीं है।”

इसके बाद एंकर ने अगला सवाल किया, “राहुल गांधी का अाप भी नाम नहीं ले रहे। क्या राहुल गांधी पर आपको भी विश्वास नहीं है?” इस पर तेजस्वी बोले, “नरेंद्र मोदी तो अकेले तो हैं नहीं। 40 पार्टियों के साथ गठबंधन है। आप लोग दिखाते हैं कि मोदी वर्जेज विपक्ष। मैं पूछता हूं कि मोदी जी ने क्या किया? आखिर जनता उनको फिर से क्यों चुनें? हम मोदी जी के खिलाफ नहीं है। हम आरएसएस के विचारधारा के खिलाफ हैं। जो बांटने का काम कर रहे हैं। जाति और धर्म के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। वे देश में सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने का काम करते हैं। देश में जहर फैलाने का काम करते हैं। हिंदू-मुसलमान में दंगा कराने का काम करते हैं। हम उस विचारधारा के खिलाफ हैं।”

तेजस्वी ने आगे कहा कि, “मोदी जी के हाथों में देश सुरक्षित नहीं है। डोकलाम में चीन घुस गया। मोदी जी कहां हैं? आरएसएस के लोग आर्मी की बेइज्जती करते हैं। कहते हैं आर्मी से बेहतर हमारे स्वंयसेवक हैं जो तीन महीने में लड़ाई के लिए तैयार हो जाएंगे। कश्मीर में इतनी गोलीबारी हो रही है तो कहां हैं आरएसएस के स्वंयसेवक। क्यों नहीं लड़ने का काम कर रहे हैं। कम से कम आर्मी की बेइज्जती न करें। आर्मी जवान जब शहीद होते हैं और उनकी डेड बॉडी आती है तो भाजपा के एक मंत्री उनके सम्मान में नहीं जाते हैं। मंत्री ये बयान देते हैं कि हम क्यों जाएं। क्या मेरे जाने से वे जिंदा हो जाएंगे? और मोदी जी खामोश रहते हैं। मोदी जी के केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि हम संविधान को बदलने आए हैं। तो क्या आप आरएसएस और नागपुरिया कानून को लागू करने आए हैं। वो आरएसएस जो अब तक रजिस्टर्ड ही नहीं है। क्यों नहीं रजिस्टर्ड है आरएसएस? मैं पूछना चाहता हूं ये कैसे चल रहा है। ये जवाब देना होगा। जो नागपुर कार्यालय में तिरंगा की जगह भगवा फहराते हैं, वो आज देश चलाने का काम कर रहे हैं। मोदी जी तो आएंगे-जाएंगे। कोई परमानेंटली तो है नहीं। कोई अमृत पीकर तो आया नहीं है। बदलाव होगा। युवाओं ने ठाना है। मोदी जी उपचुनाव हार रहे हैं।”

इसके बाद एंकर ने पूछा कि, “अमृत पीकर राहुल गांधी आए हैं क्या?” इसके जवाब में तेजस्वी ने कहा, “कोई नहीं पीकर आया है। यही तो लोकतंत्र है।” एंकर ने कहा- तेजस्वी यादव या राहुल गांधी? यहां पर लोगों से पूछे। इस पर तेजस्वी ने कहा, “आप लड़ाई मत लगवाइए। कोई फायदा नहीं होने वाला। आप राहुल गांधी की बात कर रहे हैं। यहां तो मेरे और मेरे भाई से ही लड़वाना चाहता है। मेरे घर को तोड़ना चाहता है। ये स्थिति है। लेकिन हमलोग लड़ने झगड़ने वाले नहीं है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App