उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के एक गांव में मंगलवार को मकान की खुदाई के दौरान तांबे के 29 बड़े गोले मिलने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। सबके मन में यही सवाल था कि आखिर यह क्या है। पहले तो लोगों को लगा कि यह खजाना हो सकता मगर बाद में माजरा समझ आ गया और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। लोग इस रहस्यमयी चीज के बारे में जानना चाहते हैं।
इस घटना के बारे में पुलिस ने बताया कि मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव स्थित मकान से मिले सभी गोलों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गयी है। पुलिस के मुताबिक, भनौली गांव निवासी मोहम्मद इकबाल मंगलवार को मकान निर्माण के लिए नींव की खुदाई करा रहे थे और इसी दौरान जमीन के अंदर धातु के बड़े गोले दिखाई दिए। इस खबर की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।
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उन्होंने आगे तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। एक अधिकारी ने बताया कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी गोलों को अपने कब्जे में ले लिया। मुसाफिरखाना थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि कुल 29 गोले बरामद हुए हैं और प्रथम दृष्टया ये गोले तांबे के प्रतीत हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी गोलों को उपजिलाधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है और मामले की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को भी सूचित किया गया है। पुलिस के अनुसार, एएसआई की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये गोले किस प्रकार के हैं और उनका ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व है या नहीं।
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आइए आपको ‘गंगाराम’ मगरमच्छ की पूरी कहानी सुनाते हैं… छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक गांव है- बावा मोहतरा। यहां के तालाब में एक मगरमच्छ रहता था। जिसे गांव वाले प्यार से गंगाराम पुकारते थे। यह मगरमच्छ सिर्फ एक जंगली जीव नहीं था, बल्कि गांव के लोगों के परिवार का हिस्सा माना जाता था। करीब 130 साल तक तालाब में रहने वाले इस मगरमच्छ ने ऐसी मिसाल कायम की, जिसकी चर्चा आज भी होती है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
