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आजमगढ़ में भाई के लिए प्रचार करने क्यों नहीं आए अखिलेश? निरहुआ से हार के बाद कुछ ऐसा बोल गए धर्मेंद्र यादव

आजमगढ़ में हुई हार के बाद धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि अखिलेश यादव प्रचार के लिए आते तो बात कुछ और होती!

Akhilesh Yadav | Uttar Pradesh | UP | Raju Shirvastava
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो: पीटीआई)

आजमगढ़ के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और अखिलेश यादव के भाई धर्मेन्द्र यादव को करारी हार का सामना करना पड़ा। परिणामस्वरुप भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव चुनाव जीत गए। सपा के सहयोगी दल ओपी राजभर ने इसके लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया है। अखिलेश और ओपी राजभर के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो चुकी है लेकिन इन सबके बीच यह भी जानना जरूरी है कि धर्मेंद्र यादव, अखिलेश यादव के आजमगढ़ प्रचार के लिए ना जाने पर क्या सोचते हैं। 

चुनाव में मिली हार के बाद ‘यूपी तक’ से बात करते हुए धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि ‘चुनाव में हम सरकार से लड़ रहे थे, भाजपा से लड़ रहे थे, भाजपा के ‘सहयोगी’ बसपा से भी लड़ रहे थे। हम उनके सारे हथकंडों से लड़ रहे थे। उम्मीदवार को भी काउंटिंग में जाने से रोका गया। कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया। इसके बाद भी साढ़े चार हजार वोट से हार हुई है। आने वाले दिनों में लाखों दिलों को जीत कर दिखाऊंगा।’ 

धर्मेंद्र यादव से जब सवाल पूछा कि अखिलेश यादव प्रचार करने नहीं आये, क्या इसकी वजह से हार हुई? इस पर सपा नेता ने कहा,’राष्ट्रीय अध्यक्ष जी जो कर सकते थे, किए। हालांकि प्रचार के लिए आते तो और भी बड़ी बात होती लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने अपनी कुछ मर्यादाएं बनाई हैं। भाई के नाते मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं उनके मर्यादाओं को ना तोडूं। अब साढ़े चार हजार वोट का अंतर है तो क्या कर सकते हैं।’ धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि ‘हम लोकतंत्र को मानने वाले लोग हैं, जो जनता का फैसला है उसे स्वीकार करते हैं।’

बता दें कि समाजवादी पार्टी के सहयोगी ओपी राजभर उपचुनाव के नतीजों के बाद से अखिलेश यादव को नसीहत पर नसीहत दिए जा रहे हैं। हार के बाद ओपी राजभर ने कहा था कि अगर अखिलेश यादव प्रचार करने गये होते तो चुनाव में हार का सामना ना करना पड़ता। हम लोग मेहनत कर रहे थे और ये (अखिलेश यादव) एसी में बैठे हुए थे। अब एसी से निकलकर जमीन पर उतरना होगा। इतना ही नहीं, ओपी राजभर ने अखिलेश के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 2014, 2017, 2019 और 2022 में सपा ने चुनाव लड़ा, हार ही हुई है। 

वहीं अखिलेश यादव ने भी ओपी राजभर पर पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मुझे भरोसा दिया गया था कि मेरे आजमगढ़ जाने की कोई ज़रूरत नहीं है। ओपी राजभर पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा है कि उन्हें सलाह की जरूरत नहीं, कुछ लोग पीछे से ऑपरेट हो रहे हैं। 

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