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‘हमने दंगे करवाए तो जांच करवाइए’ बोल टीवी शो छोड़कर चले गए बदरूद्दीन अजमल

बहस में शिरकत कर रहे संघ के जानकर राकेश सिन्हा ने अजमल को कहा कि उनकी पार्टी उन्हीं जिलों में काम करती है जहां बांग्लादेशी हैं। राकेश सिन्हा ने कहा कि AIUDF असम में दंगा करवाने का काम करती है, उन्होंने कहा कि बदरुद्दीन अजमल असम में साम्प्रदायिक इंजीनियरिंग करवाने का काम करती है।

22 फरवरी 2018 को गुवाहाटी में AIUDF चीफ मौलाना बदरुद्दीन अजमल प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए (पीटीआई फोटो)

सांसद बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF के बारे में आर्मी चीफ बिपिन रावत के दिये बयान पर विवाद जारी है। गुरुवार को बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि ऐसा बयान देकर आर्मी चीफ अपनी इज्जत खुद घटा रहे हैं। गुरुवार को इसी मुद्दे पर आजतक के टीवी शो में AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल लाइव बैठे हुए थे। इस दौरान वहां गरमागर्म बहस देखने को मिली। जब एंकर ने बदरुद्दीन अजमल से पूछा कि वह बताएं कि असम में कितने बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। इसके जवाब में मौलाना अजमल ने कहा कि यह बताना उनका काम नहीं है, ये सरकार बताएगी। अजमल ने कहा कि इस बारे में रोजाना अलग-अलग बयान आ रहे हैं, लेकिन NRC बनने के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा। अजमल ने कहा कि जब सरकार कह रही है तो होगी, संख्या में कमी-बेशी हो सकती है।

इस बीच बहस में शिरकत कर रहे संघ के जानकर राकेश सिन्हा ने अजमल को कहा कि उनकी पार्टी उन्हीं जिलों में काम करती है जहां बांग्लादेशी हैं। राकेश सिन्हा ने कहा कि AIUDF असम में दंगा करवाने का काम करती है, उन्होंने कहा कि बदरुद्दीन अजमल असम में साम्प्रदायिक इंजीनियरिंग करवाने का काम करती है। राकेश सिन्हा ने कहा कि अजमल असम को हिन्दुस्तान से अलग करने वाली पार्टी के नेता हैं। राकेश सिन्हा के इस बयान पर अजमल बेहद भड़क गये। वह उन्हें धमकी नहीं दे सकते हैं, उन्हें धमकी देने का हक नहीं है। अजमल ने कहा कि अगर उन्होंने फसाद करवाया है तो उन्हें इस बात को प्रूफ करवाना चाहिए, इस तरह धमकी देना नहीं चाहिए। हालांकि इस बीच एंकर ने कहा कि जो आवाज इन्होंने सुनी है वह संघ के जानकार राकेश सिन्हा की है। इसके बाद बदरुद्दीन अजमल ने शो छोड़ दिया। शो छोड़ते हुए उन्होंने कहा कि लोग उनपर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

बता दें कि ये सारा विवाद तब खड़ा हुआ जब आर्मी चीफ ने एक कार्यक्रम के दौरान असम का जिक्र करते हुए कहा था कि, “हम इस क्षेत्र में लगातार प्रवासी गतिविधि देख रहे हैं। इसका उपाय समस्या को पहचान करने से होगा।” उन्होंने आगे कहा था, “एआईयूडीएफ नाम की एक पार्टी है। अगर आप इसे देखें, तो यह हाल के वर्षो में भाजपा के उत्थान से भी तेजी गति से आगे बढ़ी है।”

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