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अब्दुल कवी देसनावी: पढ़‍िए बेमिसाल लेखक की चुनिंदा कृतियां

Abdul Qavi Desnavi Books, Poem: बुधवार (1 नवंबर) को भी गूगल ने उर्दू लेखक अब्दुल कवी दसनवी के 87वें जन्मदिन पर उनका डूडल बनाया है।
Abdul Qavi Desnavi: भोपाल के सैफिया पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में उर्दू विभाग के प्रमुख रहते रिटायर हुए।

विश्व का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल मशूहर और नामी शख्सियतों का गूगल डूडल बनाता है। बुधवार (1 नवंबर) को भी गूगल ने उर्दू के महानतम लेखकों में एक अब्दुल कवी दसनवी के 87वें जन्मदिन पर उनका डूडल बनाया है। डूडल पर दसनवी का चित्र बनाया गया है। जिसमें वो लेखन कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं। चित्र में किताबें व पेज आसपास बिखरे हुए हैं। चश्मा पहने दसनवी की ये आकृति देखकर ही सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि लेखन के प्रति उनका कितना लगाव था। बिहार के देसना गांव में साल 1930 में जन्मे दसनवी ने भारत में उर्दू साहित्यिक क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पांच दशक के अपने करियर में उन्होंने उर्दू क्षेत्र में पचास से ज्यादा महत्वपूर्ण किताबे लिखी। इनमें उर्दू कथा, जीवनी, कविता और अन्य क्षेत्रों में लिखी गई किताबें शामिल हैं।

अपने जीवन काल में वो लगातार सात तहरीरे, मोटाला-ए-खुतूत गालिब, तालाश-ए-आजाद में लेखन करते रहे। दसनवी के लेखन में ‘हयात-ए-अब्दुल कलाम आजाद’ आजादी के अगुआ रहे मौलाना अबुल कलाम आजाद पर लिखी जीवनी को उनके महान कामों में से एक माना जाता है। इसके अलावा मिर्जा गालिब, अल्लामा मोहम्मद इकबाल जैसे उर्दू के महान शायरों पर उन्होंने भरपूर लिखा। दसनवी मुस्लिम फैमिली सैयद सुलेमान नादवी के यहां पैदा हुए थे। वो भोपाल के सैफिया पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में उर्दू विभाग के प्रमुख रहते रिटायर हुए। ये साल 1990 था। आज के कई मशहूर कवि और शिक्षाविद उनके शिष्य रहे हैं। इनमें जावेद अख्तर और इकबाल मसूद शामिल हैं। सात जुलाई, 2011 को उनका निधन हो गया।

अब्दुल कवी दसनवी के प्रमुख शोध कार्य
अब्दुल कवी दसनवी ने अल्लामा इकबाल भोपाल में, भोपाल और गालिब, नुस्खा-ए-भोपाल और नुस्खा-ए-भोपाल सानी, इकबाल उन्नीसवी सदी में, इकबाल और दिल्ली, इकबालियत की तलाशी, इकबाल की तलाश, अब्दुल कलाम आजाद, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, तलाश-ए-आजाद पर खासा शोध किया है।

प्रमुख किताबें
अजनबी शहर (1992), तलाश-ए-आजादी (1990), हयात-ए-अब्दुल कलाम आजाद (2000)

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