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कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर ‘आप’ के आशुतोष ने नरेंद्र मोदी पर कसा तंज, हुए ट्रोल

आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार (28 फरवरी) को गिरफ्तार हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के 46 वर्षीय बेटे कार्ति चिदंबरम को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा, लेकिन खुद ट्रोल गए।

आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष। (FILE PHOTO)

आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार (28 फरवरी) को गिरफ्तार हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के 46 वर्षीय बेटे कार्ति चिदंबरम को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा, लेकिन खुद ट्रोल गए। आशुतोष ने कार्ति की गिरफ्तारी के मामले को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी नीरव मोदी से तुलना कर ट्वीट किया था। आशुतोष ने ट्वीट में लिखा- ”13000 करोड़ वाले नीरव मोदी को भगा देते हैं और 10 लाख वाले कार्ति को जेल! अच्छे दिन आ गये हैं!” आशुतोष के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आदित्य तिवारी नाम के यूजर ने लिखा- ”सर आप नीरव मोदी के खिलाफ हो या कार्ति चिदंबरम के समर्थन में?” एक यूजर ने लिखा- ”क्या दिन आ गए आम आदमी पार्टी के, कांग्रेस को डिफेंड करते घूम रहे हैं।” इस पर सूनील चौकीकर ने लिखा- ”कांग्रेस की बी टीम है।”

अभिनंदन सिंह ने लिखा- ”कार्ति से ऐसी कौन सी यारी कि इतना बुरा लग गया? अच्छा उनके पिता जी कुछ केस लड़ने वाले हैं इसलिए?” आनंद शर्मा ने लिखा- ”किसी को पकड़ें तो तुम्हें परेशानी, न पकड़ें तो तुम्हें परेशानी, तुम्हारी समस्या क्या है, नाम, नौकरी कि घर?” पल्लवी घोष ने लिखा- ”कंपेरिजन क्यों कर रहे ईमानदार पार्टी के लोग? वे चाहे जितना पैसा लूटें, भ्रष्टाचार… भ्रष्टाचार है।” अभिनव अग्रवाल ने फिल्म शोले के गब्बर सिंह वाले एक सीन के साथ लिखा है- ”बहुत याराना लगता है।” एक यूजर ने लिखा- ”जिसको फ्री में सारी चीजें मुफ्त में मिलती हैं, उसके लिए 13000 करोड़ और 10 लाख में कोई अंतर नही है। सिर्फ फोकट के ट्वीट करना है। दोनों चीजें चोरी ही कहलाती हैं, और किसी भी एक को बेचारा बताना चोरों का साथ देना कहलाता है। आप वाकई में बहुत बड़े वाले हैं।”

अनुज तिवारी नाम के यूजर ने लिखा- ”भगा देते हैं ऐसे बोल रहे हैं जैसे कोई उसकी उंगली पकड़ के एयरपोर्ट तक छोड़ आया हों? वैसे अगला थप्पड़ किस अधिकारी पर चलाएंगे ताऊ…अब बता ही दो।” महेंद्र ने लिखा- ”हर मामले में अपने दांत दिखाना जरूरी है क्या? क्या 10 लाख तक के घोटाले को संवैधानिक मान लेना चाहिए?” बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में पिछले साल 15 मई को रिपोर्ट दर्ज की थी। कार्ति पर आरोप है कि वर्ष 2007 में पी चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपए की एफडीआई की मंजूरी (एफआईपीबी मंजूरी) मिलने में अनियमितताएं बरती गर्इं। नियमों को ताक पर रखकर मंजूरी दी गई। जांच एजंसियों का दावा किया है कि कार्ति को इसके लिए कार्ति को 10 लाख रुपए मिले थे।

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