NDA के राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद को लेकर कुमार विश्‍वास ने पूछ लिया ये चुभता सवाल - aam aadmi party leader kumar vishvas trolled after asking nda presidential candidate - Jansatta
ताज़ा खबर
 

NDA के राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद को लेकर कुमार विश्‍वास ने पूछ लिया ये चुभता सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और राजस्थान में पार्टी प्रभारी कुमार विश्वास ने एक ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

आप नेता कुमार विश्वास की तस्वीर का इस्तेमाल उनके फेसबुक पेज से किया गया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और राजस्थान में पार्टी प्रभारी कुमार विश्वास ने एक ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विश्वास ने एनडीए द्वारा एक दलित को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर ट्वीट कर लिखा, ‘सत्तर बरस बिताकर सीखी लोकतंत्र ने बात, महामहिम में गुण मत ढूंढो, पूछो केवल जात।’ विश्वास के इस ट्वीट के बाद कई यूजर्स ने कड़ा एतराज जताया है। अभिषेक मिश्रा लिखते हैं, ‘व्यक्ति जात से नहीं अपने कर्मों से महान बनता है।’ मनोज भैया लिखते हैं, ‘जो ना पूछे जात किसी की तुम दिखलाते जज्बात, बन जाए कोई दलित महामहिम इस पर क्यों रोते हो कविराज।’ मनोज एक अन्य ट्वीट में लिखते हैं, ‘आतंकवाद का क्या धर्म है पता ना कर पाए आप, गौरव प्रतिष्ठित महामहिम की कहां से लाए बात। बोलो बोलो कविराज।’ अभिषेक लिखते हैं, ‘बरसों बीत गए खोज पाए आतंकवाद का धर्म, महामहिम की जात बताकर हल्ला करते हो।’ रोफी गांधी लिखते हैं, ‘राजनीति में कुछ ना सही कुछ ना गलत होगा, पंजाब का अलग डिप्टी सीएम दलित होगा। दिल्ली के मशहूर शायर मिर्जा केजरी।’

एक अन्य यूजर रोफी लिखते हैं, ‘रामनाथ कोविंद जी को अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलना पड़ा जाए तो नहा के जाएं क्या? लग रहा है पूछ रहे हैं।’ वहीं समरीन उस्मानी विश्वास के समर्थन में लिखती हैं, ‘सवाल तो एक वाजिब हैं।’ गौरव शर्मा लिखते हैं कि कोविंद जी में राष्ट्रपति बनने की सभी योग्यताएं हैं। बस गलत ये है कि वो प्रधानमंत्री मोदी की पसंद हैं। इसलिए हम विरोध करते हैं। मोदी जी हाय। गौरव शर्मा आगे लिखते हैं, ’16 साल सुप्रीम कोर्ट में वकालत, सरकार के वकील रहे, राज्यसभा पहुंचे, आईएएस पास, संयुक्त राष्ट्र को संबोधित, गर्वनर रहे हैं कोविंद जी।’ रिशिता मिश्रा लिखती हैं, ‘पंजाब चुनाव के समय केजरीवाल जी ने कहा था कि पंजाब में दलित ही डिप्टी सीएम होगा। तब आपने उनसे क्यों नहीं पूछा डिप्टी सीएम में गुण ढूंढ रहे हो या जात?’

बता दें कि 71 साल के कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले हैं। उनका जन्म 01 अक्टूबर 1945 को हुआ था। कोविंद की शुरुआती शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई। कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज से वो कानून स्नातक हैं। कोविंद साल 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में वकील थे। इसके बाद 1980 से 1983 तक वो सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल रह चुके हैं। उन्होंने 1993 तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 16 सालों तक प्रैक्टिस की है। 8 अगस्त 2015 को उन्हें बिहार का गवर्नर नियुक्त किया गया था। कोविंद साल 1977 में केंद्र में बनी जनता पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रह चुके हैं। इसके बाद वो बीजेपी से जुड़ गए। रामनाथ कोविंद साल 1994 से लेकर साल 2006 तक संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। साल 1990 में उन्होंने यूपी के घाटमपुर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। साल 2007 में कोविंद ने भोगनीपुर विधान सभा सीट से भी चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वो बीजेपी के महामंत्री भी रह चुके हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App