Aaj Tak Tv anchor Rohit Sardana Dangal show aap mla Anil Vajpayee- MLA बोले-हमने कौन सी चोरी की ? एंकर ने कहा-चोरी ऊपर से सीनाजोरी, जाकर राष्ट्रपति से पूछिए - Jansatta
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‘आप’ MLA बोले-हमने कौन सी चोरी की ? एंकर ने कहा-चोरी ऊपर से सीनाजोरी, जाकर राष्ट्रपति से पूछिए

लाभ के पद मामले में फंसकर विधायकी से हाथ धोने वाले आम आदमी पार्टी के अनिल वाजपेयी ने डिबेट में पूछा-हमने कौन सी चोरी की तो एंकर रोहित सरदाना ने कहा-जाकर चुनाव आयोग और राष्ट्रपति से पूछिए।

Author नई दिल्ली | January 23, 2018 8:34 AM
‘आज तक’ टीवी चैनल पर दंगल शो में डिबेट के दौरान एंकर रोहित सरदाना और आप के पूर्व विधायक अनिल वाजपेयी (फोटो-यूट्यूब)

टीवी एंकर रोहित सरदाना ने ‘आज तक’ के ‘दंगल’ शो में एक बार चिर-परिचित अंदाज में तीखे सवालों से पैनलिस्ट को परेशान करके रख दिया। दंगल में डिबेट का मुद्दा था- क्या 20 विधायकों के अयोग्य होने से नैतिक दबाव में हैं केजरीवाल ? डिबेट के दौरान लाभ के पद मामले में फंसे आम आदमी पार्टी के विधायक और पार्टी प्रवक्ता से उनकी तीखी बहस हुई। प्रवक्ता राघव चड्ढा से जब रोहित सरदाना ने पूछा कि लाभ के पद मामले में आए फैसले के बाद आम आदमी पार्टी राष्ट्रपति को बीजेपी का एजेंट क्यों बता रही है ?इस सवाल पर राघव घुमा-फिराकर बात रखने लगे तो एंकर ने कहा कि- ‘आप जलेबी की तरह क्यों बात घुमा रहे हैं, सीधे-सीधे हां या न में जवाब दीजिए।’ तब राघव चड्ढा ने चुटकी लेते हुए कहा- हमें डांट क्यों रहे हैं, ऐसे कैसे बहस हो पाएगी… विधायक तो हमारे गए हैं, उत्तेजित आप क्यों हो रहे हैं, पहले आप एक ग्लास पानी पी लीजिए, तो एंकर ने कहा-आप चिंता न करें मैं चाय पी रहा हूं।

इससे पहले रोहित सरदाना ने लाभ के पद मामले में फंसकर विधायकी गंवाने वाले अनिल वाजपेयी से पूछा कि एक घंटे पहले आप विधायक थे, अब तो राष्ट्रपति के फैसले के बाद आप पूर्व विधायक हो गए हैं ? जवाब देते हुए अनिल वाजपेयी ने कहा- ‘‘ मुझे जनता ने चुना है, विधायक था तब भी जनसेवक था, नहीं हूं तब भी रहूंगा । कांग्रेस और भाजपा के जो नेता लूट कर जनता का पैसा रखते हैं, पद छिनने पर उनकी नींद उड़ती है, मैं तो खुश हूं। ” रोहित सरदाना ने पूछा-क्या ईमानदारी की ढोल फट गई ? तो वाजपेयी बोले- “यह तो ऐसे ही हुआ जैसे जज साहब बगैर मुल्जिम की बात सुने ही फांसी पर चढ़ा दें। हम तो लगातार चुनाव आयोग से कहते रहे कि एक भी रुपया लिया हो तो चौराहे पर फांसी पर लटका दीजिए। मगर नरेंद्र मोदी और अमित शाह उस दिन से हमारी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे, जिस दिन से केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीतीं थीं। ”

इस पर एंकर रोहित सरदाना ने फटकार लगाने की शैली में कहा कि- ‘आपने कहावत सुनी है कि चोर चोरी से जाए, पर सीनाजोरी से जाए.. ।’ यह सुनकर वाजपेयी बोले -हमने चोरी क्या की है, बताइए आप ? एंकर रोहित ने कहा-जाकर राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से पूछिए । यह सुनकर वाजपेयी ने राष्ट्रपति को बीजेपी का एजेंट बता दिया तो रोहित सरदाना ने विधायक को घेरते हुए कहा कि न खाता न बही, जो केजरीवाल कहें वही सही।

उधर जब आम आदमी पार्टी प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि विधायकों ने एक रुपये का भी लाभ नहीं लिया तो रोहित सरदाना ने याचिकाकर्ता प्रशांत पटेल से पूछा- क्या कंबल ओढ़कर घी पीना चाहती थी आम आदमी पार्टी ? प्रशांत पटेल ने कहा कि 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसी पार्टी आई जो संविधान के किसी भी संस्था में यकीन नहीं रखती। ताल कटोरा में भले ही बाबा साहब की जयंती मनाते हों मगर उनकी ओर से बनाए संविधान का पालन नहीं करते। खुद दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने हलफनामा देकर बताया कि संसदीय सचिवों के लिए किस तरह से पैसे खर्च हुए। जो 21 लोग विधायिका के पार्ट थे, उन्हें सरकार का पार्ट बना दिया। जब चुनाव आयोग में 11-11 सुनवाइयों हुईं तो फिर आप क्यों नहीं आए। क्योंकि आपके चीफ सेक्रेटरी का जो रिप्लाई था, उसका जवाब ही आपके पास नहीं था। क्योंकि आम आदमी पार्टी को पहले से ही फैसले का पता था और वे विक्टिम कार्ड खेलने के लिए तैयार थे।

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