ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा – हवाई चप्पल वाले कब करेंगे हवाई यात्रा? इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने दिया कुछ ऐसा जवाब

सिंधिया ने कहा – हमारी कोशिश है कि एयरपोर्ट की संख्या पूरे देश में बढ़ाई जाए। हमें रेलवे के साथ कंपीट करना है। 70 सालों में इस देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा – हवाई चप्पल वाले कब करेंगे यात्रा? इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने दिया कुछ ऐसा जवाब (Express photo by Tashi Tobgyal) ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा – हवाई चप्पल वाले कब करेंगे यात्रा? इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने दिया कुछ ऐसा जवाब (Express photo by Tashi Tobgyal)

केंद्रीय केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आजतक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम ‘एजेंडा आज तक’ में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उड्डयन मंत्रालय से संबंधित कई सवालों पर अपने जवाब दिए। उनसे एंकर स्वेता सिंह ने पूछा – छोटे एयरपोर्ट क्या अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं?

इस सवाल पर सिंधिया ने कहा कि जिन एयरपोर्ट्स को आरसीएस उड़ान के तहत हम कनेक्ट कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि वहां पर जितना हो सके उतनी फ्लाइट की शुरुआत करें। उन्होंने कुशीनगर एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि फ्लाइट कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है इसलिए हमने वहां से कई उड़ानों के लिए योजना बनाई है।

उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं क्या यह चुनाव को लेकर किया जा रहा है? इसके जवाब में सिंधिया ने कहा, ” हमारी कोशिश है कि एयरपोर्ट की संख्या पूरे देश में बढ़ाई जाए। हमें रेलवे के साथ कंपीट करना है। 70 सालों में इस देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे। केवल पिछले 7 सालों में 63 हवाई अड्डे बनाए गए हैं। केवल यूपी में ही नहीं बल्कि पूरे देश में इस तरह के काम किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में केवल चार हवाई अड्डे थे, आज वहां 9 हवाई अड्डे संचालित हैं। सिंधिया ने दावा किया कि अगले 3 सालों में हम यूपी में 17 हवाई अड्डे बनाएंगे। एंकर श्वेता सिंह ने पूछा – सरकार की तरफ से यह मंशा जाहिर करी गई थी कि हवाई चप्पल वाले हवाई यात्रा कर सकेंगे? क्या स्थिति उस तरफ जा रही है या अभी वह दिन बहुत दूर है जब एक हवाई चप्पल वाला हवाई यात्रा कर पाएगा?

इसके जवाब में सिंधिया कहते हैं कि 20 साल पहले नागर विमानन क्षेत्र को कुछ चुनिंदा लोगों के लिए देखा जाता था। उन्हीं तक सीमित होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कदम उठाया कि विमानन क्षेत्र का प्रजातांत्रिकरण और लोकतांत्रिकरण किया जा सके। पिछले 5 सालों में ऐसे जगह पर हवाई अड्डे बनाए गए हैं जिनके नाम तक लोगों को नहीं मालूम हैं।

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