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एक दूसरे को BJP का एजेंट बता भिड़े मौलाना और ओवैसी के प्रवक्ता, एंकर ने कहा-पहले तय कर लो कौन किसका एजेंट

आज तक पर दंगल डिबेट के दौरान मौलाना और ओवैसी की पार्टी के नेता और रिसर्च स्कॉलर के बीच जमकर नोकझोंक हुई। एक दूसरे को बीजेपी का एजेंट बताते हुए पूरी डिबेट में लड़ते रहे।

Author नई दिल्ली | January 27, 2018 9:04 PM
‘आज तक’ टीवी न्यूज चैनल पर बहस के दौरान एंकर रोहित सरदाना और पैनलिस्ट( फोटो-यूट्यूब)

‘आज तक’ पर एंकर रोहित सरदाना के ‘दंगल’ शो में डिबेट के दौरान एक बार फिर पैनलिस्ट के बीच खूब नोंकझोंक हुई। इस बार डिबेट में कभी इस्लामिक रिसर्च स्कॉलर और मौलाना एक दूसरे से भिड़े तो कभी मौलाना और ओवैसी की पार्टी के नेता  से नोंकझोंक होती नजर आई। बहस के आखिर में मामला तब गरमा भी गया, जब एक दूसरे को बीजेपी का एजेंट बताने लगे। डिबेट का विषय था- क्या बीजेपी मुस्लिममुक्त भारत बनाना चाहती है ? । यह विषय एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर आधारित था, जिसमें उन्होंने भाजपा पर देश को मुस्लिममुक्त करने की दिशा में काम करने का आरोप लगाया था। एंकर रोहित सरदाना ने मौलाना साजिद रशीदी से पूछा-क्या सचमुच में बीजेपी मुस्लिममुक्त भारत बनाना चाहती है, इस पर मौलाना बोले- जिस ढंग से तीन तलाक और गौ रक्षा को लेकर सख्त कानून भाजपा सरकार बना रही है, उससे तो ऐसा ही लग रहा है।

मौलाना के इस बयान पर एतराज जताते हुए संघ विचारक अवनीजेश अवस्थी ने कहा- पिछले 60-70 वर्षों में मुस्लिमों की हालत इसलिए खराब रही, क्योंकि उन्हें भयाक्रांत कर वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। तीन तलाक का कानून सिर्फ मुस्लिम नेताओं के लिए दिक्कत पैदा कर रहा, जबकि समूचा समुदाय राहत महसूस कर रहा है। इस्लामिक रिसर्च स्कॉलर रिजवान अहमद ने भी मौलाना की बातों से असहमति जताते हुए कहा कि मुस्लिमों के स्वयंभू नेताओं को दुकान चलाने के लिए कोई सामान चाहिए। जानते हैं कि देश में अच्छा माहौल होगा तो दुकान चलनी बंद हो जाएगी। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी बोले- मैं पूछता हूं कि देश के लिए पहली शहादत देने वाले बिग्रेडियर उस्मान के घर कोई मुस्लिम नेता क्यों नहीं जाता, डॉ. कलाम के जनाजे में क्यों नहीं जाते, जाते हैं तो याकूब मेमन के जनाजे में। डिबेट के दौरान रिजवान अहमद ने कह दिया कि-ओवैसी न जाने कैसे सांसद हो गए, सभासद बनने लायक भी नहीं है। इस पर वारिस पठान भड़क उठे और  रिजवान अहमद से बोले कि आप एक कोआपरेटिव का चुनाव जीतकर दिखाइए तो जानूं, जो शख्स दो-दो बार से सांसद है, उसे आप इस तरह से बोल रहे हो। वारिस ने रिजवान को हैदराबाद आकर ओवैसी के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य देखने की चुनौती दी।

ओवैसी-बीजेपी में चोर-सिपाही का खेलः डिबेट के 30 वें मिनट में मामला गरमा गया। जब रोहित सरदाना ने पूछा-क्या किसी मुस्लिम नेता ने मुस्लमों से शिक्षा, नौकरी के सवाल पर वोट मांगा,  इस पर जवाब देने के दौरान मौलाना साजिश रशीदी ने कह दिया कि ओवैसी और बीजेपी के बीच चोर-सिपाही का खेल चलता है। मौलाना ने आरोप लगाया कि बीजेपी से पैसे लेकर ओवैसी उम्मीदवार खड़े करते हैं। ताकि मुसलमानों का वोट कट जाए और फायदा भाजपा को मिले। मौलाना ने वारिस पठान से कहा कि-आपकी पार्टी का खेल  मुसलमान सब समझते हैं, जितना पैसा आपमे डाला जाता है, उतना बोलते हैं। इस पर वारिस पठान भड़क उठे और बोले कि-ऐसे आरोप लगाना बंद करिए। डिबेट में अब तक आपकी बातें सुनकर लग रहा है कि आप बीजेपी के एजेंट हैं। मौलाना और वारिस पठान की भिड़ंत पर एंकर रोहित सरदाना ने चुटकी लेते हुए कहा कि-पहले आप लोग तय कर लीजिए कि कौन किसका एजेंट है, क्यों न आप लोग लोकतंत्र के एजेंट बन जाते…।

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