एक रेलवे कर्मचारी को धूल भरी लोकोमोटिव के सामने बने भारतीय झंडे को साफ़ करते हुए देखा गया। राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति दिखाई गई इस देखभाल के लिए ऑनलाइन इस क्लिप की तारीफ़ हुई।
रेलवे कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में देखा जा सकता है कि एक रेलवे कर्मचारी धूल भरी लोकोमोटिव के सामने बने भारतीय झंडे को साफ़ कर रहा है। राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति दिखाई गई इस प्रेम के लिए सोशल मीडिया पर रेलवे कर्मचारी की तारीफ हो रही है।
ट्रेन के इंजन पर बने भारतीय झंडे को साफ करने लगा कर्मचारी
असल में धूल भरे इंजन के एक हिस्से को रेलवे कर्मचारी ने गंदा नहीं रहने दिया, वह हिस्सा था इंजन के सामने भारतीय झंडा बना था। झंडे को साफ़ रखने की उनकी इस कोशिश पर जल्द ही लोगों का ध्यान गया और कई लोगों ने उनकी तारीफ़ की।
इस वीडियो को इंडियन रेलवे में चीफ़ प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम करने वाले अनंत रूपनगुडी ने एक्स पर शेयर किया। वीडियो में एक रेलवे कर्मचारी लोकोमोटिव पर बने राष्ट्रीय ध्वज को साफ़ करते हुए दिखाई दे रहा है।
वीडियो में कर्मचारी ट्रेन के इंजन के सामने खड़ा होकर उस पर बनी केसरिया, सफ़ेद और हरी पट्टियों और बीच में बने अशोक चक्र को सावधानी से साफ़ करता हुआ दिखाई दिया। उसने पहले प्लास्टिक की बोतल से पेंट किए गए झंडे पर पानी डाला और फिर उसे कपड़े से अच्छी तरह पोंछा।
इंजन का बाकी हिस्सा रोज़ाना के रेल ऑपरेशन की वजह से धूल और गंदगी से ढका हुआ था, जिससे साफ़ किया गया झंडा उस गंदी सतह पर साफ़-साफ़ अलग दिखाई दे रहा था। वीडियो शेयर करते हुए रूपनागुडी ने इस साधारण सी बात की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि भले ही इंजन चलते-फिरते स्वाभाविक रूप से गंदा हो सकता है, लेकिन झंडा साफ़ रहना चाहिए।
कई यूज़र्स ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का एक सार्थक प्रदर्शन बताया। कुछ लोगों को लगा कि कर्मचारी की यह कोशिश रेलवे स्टाफ़ के गर्व और ज़िम्मेदारी की भावना को दिखाती है।
हालांकि, एक यूज़र ने सुझाव दिया कि लोकोमोटिव (इंजन) के सामने झंडा बनाने के फ़ैसले पर फिर से विचार किया जा सकता है, क्योंकि उस जगह पर होने के कारण रोज़ाना के कामकाज के दौरान उसके गंदे होने की संभावना ज़्यादा रहती है। बाकी लोगों ने भी रेलवे कर्मचारी की तारीफ़ जारी रखी, इस काम को बहुत अच्छा बताया और रेलवे की सेवा करने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सफ़ाई का जो काम एक आम रूटीन जैसा लग रहा था, वह असल में एक छोटी लेकिन सार्थक याद बन गया कि कुछ रेलवे कर्मचारी अपनी ट्रेनों पर लगे प्रतीकों की देखभाल कितनी अच्छी तरह करते हैं। खैर, इस वीडियो पर आपकी क्या राय है?
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