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लद गए फ्री कॉल्स के दिन? 67% तक महंगी होने जा रही वॉयस कॉल!

अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि कौन सी कंपनी अपना टैरिफ कितना महंगा करेगी लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि दरें बढ़ने के बाद वॉयस कॉल 67% तक महंगी हो जाएंगी।

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इस तस्वीर को प्रतीकात्मक रूप में इस्तेमाल किया गया है। (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

भारतीय टेलिकॉम मार्केट में इस साल काफी कॉम्पिटिशन देखने को मिला रहा है। बीते कुछ सालों में मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिला और ऑपरेटर्स के बीच कॉम्पिटिशन का फायदा कस्टमर्स को हुआ। रिलायंस जियो के मार्केट में आने के बाद डेटा और कॉलिंग दोनों ही सस्ते हो गए हैं। लेकिन सभी कंपनियों ने अपने टैरिफ महंगे करने का मन बना लिया है। Airtel, vodafone-idea, Reliance Jio, BSNL समेत सभी कंपनियों ने मोबाइल सेवाओं की दरें बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनियों के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के लंबित बेहद भारी भरकम बकाए के बाद यह फैसला सामने आया है। इससे साफ है कि अब टेलिकॉम इंडस्ट्री में प्राइस वार खत्म हो रहा है और इसी के साथ सस्ती कॉलिंग और डेटा का दौर भी।

अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि कौन सी कंपनी अपना टैरिफ कितना महंगा करेगी लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि दरें बढ़ने के बाद वॉयस कॉल 67% तक महंगी हो जाएंगी। ऐसा माना जा रहा है कि टैरिफ दरें में बढ़ोतरी दो तरीकों से होगी। पहला टेलीकॉम कंपनी खुद तय करेंगी कि उन्हें अपना टैरिफ कितना महंगा करना है दूसरा ट्राई टेलीकॉम कंपनियों को अपने कॉल और डेटा शुल्क को बढ़ाने के लिए कह सकता है। ट्राई ऑपरेटरों के लिए न्यूनतम और (संभवतः) अधिकतम टैरिफ निर्धारित कर सकता है।

ब्रोकरेज SBICAP सिक्योरिटीज के विश्लेषकों को मुताबिक TRAI वॉइस कॉल के लिए 10 पैसे प्रति मिनट चार्ज कर सकता है। जो कि वर्तमान 6 पैसे प्रति मिनट IUC शुल्क से 67 प्रतिशत अधिक है। वहीं डेटा की दरों की बात करें तो ट्राई इसके लिए 3 रुपये प्रति जीबी चार्ज कर सकती है। इसके अलावा, विश्लेषकों को उम्मीद है कि न्यूनतम टैरिफ के शुल्क में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

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