अपने रीस्ट्रक्चरिंग प्रयासों के तहत Meta Platforms ने छंटनी का एक और दौर शुरू कर दिया है। सोमवार को कर्मचारियों के साथ साझा किए गए एक मेमो में, Mark Zuckerberg के नेतृत्व वाली कंपनी ने वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटाने और AI वर्कफ्लो को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संगठनात्मक बदलावों की रूपरेखा पेश की थी और अब लेऑफ की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सब कुछ एक सामान्य निर्देश के साथ शुरू हुआ और यह मैसेज था- ”आज वर्क फ्रॉम होम (WFH) करें।” अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों के कर्मचारियों से कहा गया कि वे ऑफिस न आएं। ना कोई टाउनहॉल मीटिंग हुई, न ऑफिस फ्लोर पर सामान्य बातचीत और ना ही ऑफिस कॉरिडोर में किसी तरह की घबराहट दिखाई दी।
फिर ईमेल आने शुरू हुए। Meta Platforms ने छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी जिसका असर करीब 8,000 कर्मचारियों पर पड़ेगा। यह कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत है। सबसे पहले छंटनी से जुड़े संदेश कंपनी के सिंगापुर हब से सामने आए।
Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर में स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 1.30 बजे) ईमेल मिले। इन नोटिफिकेशन को अलग-अलग फेज और टाइम ज़ोन में भेजा जा रहा है।
पहले WFH और फिर लेऑफ
इस लेऑफ की शुरुआत से पहले Meta में करीब 78,000 कर्मचारी थे। अब हजारों कर्मचारियों को निकाल जा चुका है और हजारों को निकाला जा रहा है।
एक इंटरनल मेमो में चीफ पीपल ऑफिसर जैनेल गेल ने कहा कि 7000 कर्मचारियों को नई एआई टीम में एडजस्ट किया जाएगा। करीब 6000 पदों को खत्म कर दिया गया है। मैनेजर लेवल की नौकरियों को कम किया जा रहा है।
”अब हम उस चरण में पहुंच गए हैं जहां कई टीमें अधिक सपाट संरचना (फ्लैटर स्ट्रक्चर) के साथ काम कर सकती हैं। छोटे-छोटे पॉड्स और समूह तेजी से फैसले ले सकते हैं और ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम कर सकते हैं।”
कंपनी के इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। वहीं इस साल के अंत तक और भी कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है।
