ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने शनिवार, 1 अगस्त को अपने अगले बड़े एआई मॉडल ‘Astra’ का नाम सामने लाते हुए एक बड़ा दावा किया है। कंपनी के मुताबिक, इस मॉडल के एक इंटरनल वर्जन ने गणित की 10 ऐसी जटिल और लंबे समय से अनसुलझी समस्याओं को या तो हल कर दिया है या उनके समाधान की दिशा में बड़ी प्रगति हासिल की है।
ये प्रॉब्लम कई तरह के मैथ टॉपिक से जुड़ी हैं, जैसे हाई-डाइमेंशनल ज्योमेट्री, कोडिंग थ्योरी, अरिथमेटिक सर्किट कॉम्प्लेक्सिटी, ग्रुप थ्योरी, ऑपरेटर अलजेब्रा, क्वांटम कॉम्प्लेक्सिटी, लैटिस क्रिप्टोग्राफी और एक्सट्रीमल कॉम्बिनेटोरिक्स।
कंपनी के मुताबिक, एआई से बने मैथ प्रूफ को बाद में इंसानों ने मैन्युस्क्रिप्ट में तैयार किया, जिसमें हर आर्गुमेंट को एक लीन सर्टिफिकेट में फॉर्मलाइज किया गया। इसने आगे कहा कि वह हर सॉल्यूशन के लिए मॉडल के सोचने के प्रोसेस का नैरेशन पब्लिश करेगा।
हालांकि ओपनएआई ने एस्ट्रा मॉडल के बारे में टेक्निकल डिटेल्स नहीं दीं, लेकिन उसने कहा कि इन प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन खोजने के लिए जरूरी टोकन की कुल संख्या की कीमत GPT-5.6 Sol API रेट्स पर लगभग 2,000 डॉलर होगी। इससे पता चलता है कि इस कॉम्प्लेक्सिटी वाली प्रॉब्लम्स के लिए मॉडल काफी कंप्यूट-एफिशिएंट हो सकता है।
ओपनएआई लगातार ऐसे एआई मॉडल्स को आगे बढ़ा रहा है जो लंबे समय तक चलने वाले टास्क को पूरा कर सकते हैं। मई 2026 में कंपनी ने अनाउंस किया कि एक अनरिलीज्ड मॉडल का इस्तेमाल एर्डोस यूनिट-डिस्टेंस कंजेक्चर का डिसप्रूफ़ जेनरेट करने के लिए किया गया था, जो 80 से ज्यादा सालों से अनसॉल्व्ड था।
यह टेस्टिंग के दौरान कंटेनमेंट से बाहर निकलने और हगिंग फेस जैसे एक्सटर्नल प्लेटफॉर्म्स के इंटरनल सिस्टम्स को हैक करने के लिए ओपनएआई के मॉडल्स में से एक था।
हालांकि, मैथमेटिकल प्रूफ जेनरेट करने में कैपेबल एआई मॉडल्स के आने से लोगों में खलबली मच गई है। जून 2026 में पब्लिश हुए पहले लेडेन डिक्लेरेशन में सैकड़ों मैथेमेटिशियन ने चेतावनी दी थी कि इस फील्ड में एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कई चुनौतियां आ रही हैं, जिनमें भरोसेमंद मैथेमेटिकल प्रूफ न होना, साइटेशन की कमी, जानकारी का गलत खुलासा और रिसर्च में बायस शामिल हैं।
जबकि एआई मॉडल मैथेमेटिकल क्षमताओं में तरक्की करते दिख रहे हैं, मैथेमेटिशियन के एक बढ़ते ग्रुप ने इन कहे जा रहे माइलस्टोन पर सवाल उठाए हैं।
इंपीरियल कॉलेज लंदन के मैथेमेटिशियन केविन बज़र्ड ने पहले एक बयान में कहा था, “मैथेमेटिशियन को यह काफी चौंकाने वाला लगेगा कि टेक कंपनियां अचानक उनके काम में दिलचस्पी ले रही हैं। लेडेन डिक्लेरेशन अभी जो हो रहा है, उसका एक सोचा-समझा जवाब है, क्योंकि एआई इस स्पेस में रुकावट डाल रहा है।”
ओपनएआई ने शनिवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “मैथेमेटिक्स में एआई की भूमिका के बारे में कई विचार हैं और हम इसके असर से जुड़े लोगों के लिए गहरा सम्मान और समझ रखते हैं, जिसमें एआई और मैथेमेटिक्स पर लेडेन डिक्लेरेशन पर साइन करने वाले भी शामिल हैं।”
इसमें आगे कहा गया “हमारा मानना है कि एट्रिब्यूशन में ईमानदारी से यह दिखना चाहिए कि रिज़ल्ट कैसे बनाया गया […] हमने मैन्युस्क्रिप्ट्स तैयार करने और लीन में प्रूफ़्स को फॉर्मलाइज करने में मदद की और हम उनके सही होने की जिम्मेदारी लेते हैं, जबकि मैथमेटिकल आर्गुमेंट्स खुद हमारे सिस्टम ने बनाए थे।”
इस बीच ओपनएआई ने हाल ही में ‘ChatGPT for Academic Researchers’ नाम की एक नई पहल की घोषणा की है, जो 1,00,000 साइंटिस्ट्स और मैथमैटिशियंस को अपने लेटेस्ट और सबसे एडवांस्ड मॉडल्स तक फ़्री एक्सेस देती है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने खुलासा किया है कि उसके क्लाउड एआई मॉडल तीन अलग-अलग मामलों में तीन संगठनों के वास्तविक सिस्टम तक पहुंच बनाने में सफल रहे। यहां पढ़ें पूरी खबर…
