केंद्र सरकार को मेटा के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप के ‘यूजरनेम’ फीचर पर भेजे गए नोटिस का जवाब मिल गया है। अब इसकी जांच कर रही है। समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है।

बता दें कि पिछले बुधवार को सरकार ने ये नोटिस भेजा था। इस नोटिस में व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम फ़ीचर पर सवाल उठाए गए थे, क्योंकि सरकार ने चिंता जताई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और किसी और का रूप धरकर किए जाने वाले हमले (इम्पर्सनेशन अटैक) बढ़ सकते हैं।

केंद्र ने प्लेटफॉर्म को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर “सरकार की संतुष्टि के अनुसार” बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को लॉन्च न किया जाए।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, यूजरनेम फीचर असल में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लोगों को अपना फोन नंबर शेयर किए बिना बातचीत करने की सुविधा देता है।

इसके बाद, व्हाट्सऐप ने प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर पर अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय मांगा था और सरकार को भरोसा दिलाया था कि जब तक बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह इसे भारत में रोल आउट नहीं करेगा।

सूत्रों के अनुसार, व्हाट्सऐप का जवाब गुरुवार रात को मिला और अभी इसकी जांच की जा रही है। आईटी मंत्रालय को सौंपे गए जवाब पर व्हाट्सऐप की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

इससे पहले गुरुवार को, IT सचिव एस. कृष्णन ने CII GCC बिजनेस समिट के दौरान कहा था कि यूजरनेम नोटिस पर WhatsApp का जवाब आना बाकी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या दो अन्य मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म – टेलीग्राम और सिग्नल – ने ‘यूजरनेम’ फीचर पर भेजे गए नोटिस का जवाब दिया है, तो कृष्णन ने कहा: “अभी थोड़ा और समय है, इसलिए जवाब अभी तक नहीं मिले हैं… हम इस मुद्दे की जांच करेंगे।”

पिछले शुक्रवार को, नोटिस मिलने के बाद मेटा की एक टीम IT मंत्रालय के अधिकारियों से मिली थी।

नोटिस में सरकार ने मेटा से यह बताने को कहा था कि व्हाट्सऐप के नए फीचर के लिए IT एक्ट और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। सरकार ने मेटा को यह भी याद दिलाया कि एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) के तौर पर, व्हाट्सऐप IT एक्ट और नियमों के तहत जरूरी सावधानी बरतने (ड्यू डिलिजेंस) की जिम्मेदारियों से बंधा हुआ है।

व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूज़रनेम इस्तेमाल करने की सुविधा अभी लाइव नहीं है और इसे इस साल के आखिर में धीरे-धीरे रोल आउट किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा था, “किसी और का रूप धरने से बचाने के लिए, हमने सबसे मशहूर नामों (जैसे मशहूर हस्तियां, सरकारी संस्थाएं, सेलिब्रिटी, वेरिफाइड मेटा अकाउंट) को सुरक्षित रखा है, ताकि उन पर सिर्फ उनके असली मालिक ही दावा कर सकें। साथ ही, जाने-माने नामों से मिलते-जुलते नामों को भी सुरक्षित रखा गया है।

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WhatsApp यूजरनेम फीचर ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इसके चलते भारत सरकार मेटा और व्हाट्सएप के खिलाफ तो सख्त हो ही गई है, बल्कि निशाने पर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स भी आ गए हैं। WhatsApp यूजरनेम विवाद के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अब टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। यहां पढ़ें पूरी खबर…