रूस में व्हाट्सऐप को ब्लॉक करने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं। इसी घटनाक्रम में रूस की सरकार ने देश में इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप को ब्लॉक करने की कोशिश की है। व्हाट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा के अनुसार, व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर क्रेमलिन अपने प्रतिबंध और कड़े कर रहा है।
मैसेजिंग ऐप्स पर बढ़ती सरकारी निगरानी?
मेटा ने यह भी कहा कि उसे आशंका है कि रूसी सरकार व्हाट्सऐप जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप को ‘राज्य-स्वामित्व वाला निगरानी ऐप’ (state-owned surveillance app) बनाने की कोशिश कर रही है। यह चिंता का विषय है क्योंकि रूस में इस ऐप के लगभग 10 करोड़ यूजर्स हैं।
टेलीग्राम पर भी पाबंदी?
व्हाट्सऐप से पहले रूस में टेलीग्राम पर भी शिकंजा कसा गया था और ऐप के एक्सेस को सीमित कर दिया गया था। सुरक्षा में कथित कमी को इसका कारण बताया गया। दिलचस्प बात यह है कि रूस में टेलीग्राम का यूज़र बेस भी करीब व्हाट्सऐप जितना ही बड़ा है।
रूस के कम्युनिकेशन रेगुलेटर Roskomnadzor ने स्थानीय कानूनों का पालन करने को लेकर व्हाट्सऐप को कई बार चेतावनी दी है। सरकारी स्वामित्व वाली टैस (TASS) मीडिया ने इस साल की शुरुआत में रिपोर्ट किया था कि 2026 तक व्हाट्सऐप को देश में स्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने की संभावना है।
एक रूसी अधिकारी आंद्रेई स्विन्त्सोव के हवाले से कहा गया कि ऐसे ‘कड़े कदम’ ‘पूरी तरह से उचित’ हैं क्योंकि रूस ने मेटा को एक उग्रवादी संगठन (एक्सट्रीमिस्ट ऑर्गनाइजेशन) के रूप में नामित किया है।
व्हाट्सऐप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गई पोस्ट के मुताबिक, ”आज रूसी सरकार ने व्हाट्सऐप को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश की ताकि लोगों को सरकारी निगरानी वाले ऐप पर ड्राइव किया जा सके। 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को निजी और सिक्यॉर कम्युनिकेशन से अलग करने की कोशिश एक गलत कदम है और इससे रूस के लोगों की सुरक्षा कम हो सकती है। हम यूजर्स को जुड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे।”
रूसी अधिकारी काफी बढ़-चढ़कर ‘Max’ नाम के एक घरेलू मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को प्रमोट दे रहे हैं और नागरिकों को विदेशी ऐप्स से हटकर इसका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म की तुलना अक्सर चीन के WeChat से की जाती है। क्योंकि इसमें मैसेजिंग, डिजिटल सर्विसेज और सरकारी सेवाओं का एक्सेस एक जगह ही मिल जाता है। हालांकि व्हाट्सऐप या टेलीग्राम के उलट इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नहीं है।
2025 से सरकार ने रूस में बेचे जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन और डिवाइस में ‘Max’ ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया है। उन सार्वजनिक संस्थानों में भी इसका इस्तेमाल लागू किया गया है जहां सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों को इसी प्लेटफॉर्म के जरिए बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं।
टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल ड्यूरोव ने रूसी अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे जानबूझकर इन्डिपेन्डेन्ट मैसेजिंग सर्विस की पहुंच सीमित कर रहे हैं। जिससे नागरिकों को संचार की निगरानी और राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए बनाए गए सरकारी नियंत्रण वाले ऐप की ओर पर शिफ्ट किया जा सके।
ड्यूरोव ने यह भी कहा कि ईरान ने पहले इसी तरह का कदम उठाते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया था और सरकार समर्थित ऐप को बढ़ावा दिया था। लेकिन आखिरकार कई यूजर्स ने इन प्रतिबंधों को दरकिनार करने के तरीके ढूंढ लिए थे। उन्होंने एक ऑनलाइन पोस्ट में इस बात की जानकारी दी।
