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संदेश के मूल स्रोत का पता बताने वाली तकनीक बनाने से वॉट्सऐप का इनकार

वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा कि संदेश के मूल स्रोत का साफ्टवेयर बनाने से एक सिरे से दूसरे किनारे तक कूटभाषा प्रभावित होगी और वॉट्सऐप की निजी प्रकृति पर भी असर पड़ेगा। ऐसा करने से इसके दुरुपयोग की और आशंका पैदा होगी। उन्होंने कहा ‘हम निजता संरक्षण को कमजोर नहीं करेंगे।’

Author August 24, 2018 4:23 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

वॉट्सऐप ने अपने प्लेटफार्म पर संदेश के मूल स्रोत का पता लगाने के लिए साफ्टवेयर विकसित करने से इनकार कर दिया है। सरकार ने कंपनी से इस तरह की प्रौद्योगिकी लगाने की मांग की थी जिसे उसने ठुकरा दिया है। सरकार चाहती है कि वॉट्सऐप ऐसा समाधान विकसित करे जिससे फर्जी या झूठी सूचनाएं प्रसारित करने वाले मूल स्रोत का पता लगाया जा सके। इस तरह की फर्जी सूचनाओं से देश में भीड़ की पिटाई से हत्या की घटनाएं हुई हैं। उधर दूरसंचार सचिव अरूणा अरूणा सुदंरराजन ने गुरुवार को कहा कि दूरसंचार विभाग का संदेश का आदान-प्रदान करने वाले ऐप और प्लेटफार्म पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की कोई योजना नहीं है।

वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा कि संदेश के मूल स्रोत का साफ्टवेयर बनाने से एक सिरे से दूसरे किनारे तक कूटभाषा प्रभावित होगी और वॉट्सऐप की निजी प्रकृति पर भी असर पड़ेगा। ऐसा करने से इसके दुरुपयोग की और आशंका पैदा होगी। उन्होंने कहा ‘हम निजता संरक्षण को कमजोर नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि लोग वॉट्सऐप के जरिये सभी प्रकार की संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए निर्भर है। चाहे वह उनके चिकित्सक हों, बैंक हो या परिवार के सदस्य हों। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारा ध्यान भारत में लोगों के साथ मिलकर काम करने और उन्हें गलत सूचना के बारे में शिक्षित करने पर है। इसके जरिये हम लोगों को सुरक्षित रखना चाहते हैं।’ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सरकार इस पर जोर दे रही है कि वॉट्सऐप को तकनीकी नवोन्मेषण के लिए संभावना की तलाश जारी रखनी चाहिए ताकि किसी तरह के भड़काऊ संदेशों के प्रसार की स्थिति में इसके मूल स्रोत का पता लगाया जा सके।

सूत्र ने कहा कि मंत्रालय यह भी चाहता है कि कंपनी भारतीय कानूनों के अनुपालन के बारे में अधिक पुष्ट प्रतिबद्धता दे। साथ ही कंपनी अपने व्यापक नेटवर्क के साथ शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करे। मंत्रालय इस पर भी जोर दे रहा है कि वॉट्सऐप भारतीय कानूनों के अनुरूप निश्चित समयसीमा में स्थानीय कॉरपोरेट इकाई स्थापित करे। पिछले कुछ माह के दौरान वॉट्सऐप के मंच से कई फर्जी सूचनाओं का प्रसार हुआ है जिससे भारत में भीड़ की पिटाई से लोगों की हत्या की घटनाएं हुई हैं। इसको लेकर कंपनी आलोचनाओं का सामना कर रही है।

वॉट्सऐप के प्रमुख क्रिस डेनियल्स इसी सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मिले थे। प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा था कि सरकार ने वॉट्सऐप से स्थानीय कॉरपोरेट इकाई स्थापित करने और जाली संदेश के मूल स्रोत का पता लगाने को प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने को कहा है। हालांकि, इसके साथ ही प्रसाद ने फेसबुक की कंपनी वॉट्सऐप के भारत की डिजिटल कहानी में योगदान की सराहना भी की है। बैठक के बाद डेनियल्स ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। देश में अगले साल आम चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार सोशल मीडिया प्लेटफार्म मसलन फेसबुक, ट्वीटर और वॉट्सऐप से फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। दुनियाभर में वॉट्सऐप के प्रयोगकर्ताओं की संख्या डेढ़ अरब है। भारत कंपनी के लिए सबसे बड़ा बाजार है। यहां वॉट्सऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या दो करोड़ से अधिक है।

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