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अफवाहों से लड़ने के लिए WhatsApp ने बनाया प्लान, यूं देगा 35 लाख रुपये का इनाम

वाट्सअप पर बच्चा चोरी की अफवाहें फैलने पर भीड़ की पिटाई से हुई मौतों पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब-तलब किए जाने पर कंपनी ने एक्शन लेने की कवायद शुरू की है। फेसबुक के स्वामित्व वाले इस मैसेजिंग सेवा कंपनी ने फेक न्यूज रोकने के लिए अपनी रणनीति का खुलासा किया है।

Author नई दिल्ली | July 5, 2018 5:27 PM
वॉट्सऐप की प्रतीकात्मक तस्वीर।

वाट्सअप पर बच्चा चोरी की अफवाहें फैलने पर भीड़ की पिटाई से हुई मौतों पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब-तलब किए जाने पर कंपनी ने एक्शन लेने की कवायद शुरू की है। फेसबुक के स्वामित्व वाले इस मैसेजिंग सेवा कंपनी ने फेक न्यूज रोकने के लिए अपनी रणनीति का खुलासा किया है। ताकि अफवाहों के चलते मॉब लिंचिंग की घटनाएं न हों। फेक न्यूज से रोकथाम से संबंधित प्रोग्राम बनाने के लिए फेसबुक ने 35 लाख रुपये इनाम की घोषणा भी की है। कुछ समय पहले कैंब्रिज एनालिटिका को डेटा बेचने के मामले में जहां फेसबुक फंसा था, अब उसकी मैसेजिंग सर्विस वाट्सअप भारत सरकार के निशाने पर आ गई है।

वजह कि पिछले कुछ समय के बीच वाट्सअप के जरिए फैली फर्जी सूचनाओं के चलते देश में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं हुईं। इस पर उठते सवालों और सरकार की सख्ती से वाट्सअप ने वैश्विक स्तर पर शोधार्थियों के लिए अवार्ड देने की घोषणा की है, जो फेक न्यूज रोकने के लिए तरीका ईजाद करेंगे। दुनिया के 180 देशों में सर्विस देने वाली इस मैसेजिंग सर्विस के भारत में 20 करोड़ से अधिक उपभोक्ता है।
कंपनी की कोशिश है कोई ऐसी व्यवस्था बने, जिससे फेक न्यूज की आसानी से पहचान हो और संबंधित पोस्ट्स को फैलने से समय रहते रोका जा सके।वाट्सअप के एक प्रवक्ता ने कहा-हम अपने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं।हम भारत में मौजूद ऐसे एक्सपर्ट्स के साथ काम कर रहे हैं, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सही सूचनाओं की छानबीन के लिए तंत्र बनाने की क्षमता रखते हैं। रिसर्च के बाद हम यूजर्स को सही जानकारियों की पहचान करना सिखाएंगे।वाट्सअप ने रिसर्च के लिए 35 लाख रुपये अवार्ड की घोषणा की है।

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