Android data transfer lawsuit: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल खबरों में बनी रहती है। Alphabet inc. की मालिकाना हक वाली यह कंपनी कई बार गलत कारणों के चलते भी चर्चा में रहती है। कुछ महीनों पहले गूगल पर अपने ऐंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए स्मार्टफोन यूजर्स का सेलुलर डेटा गलत तरीके से इकट्ठा करने के आरोप लगे थे।

अब प्रस्तावित क्लास-एक्शन मुकदमे को निपटाने के लिए 135 मिलियन डॉलर (1118 करोड़ रुपये) चुकाने पर सहमति जताई है। यह सेटलमेंट कैलिफोर्निया के सैन होज़े की फेडरल कोर्ट में दाख़िल किया गया है। हालांकि अभी तक इसकी मंज़ूरी मिलना बाकी है।

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इस मामले में यह आरोप है कि Google ने कुछ सेटिंग्स बंद होने के बावजूद यूज़र्स की अनुमति के बिना उनका सेलुलर डेटा ट्रांसफर किया। हालांकि Google ने किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है। अब इस समझौते के बाद ऐसा लगता है कि लंबे समय से चल रहा यह विवाद अब खत्म होने की तरफ है।

क्या है Android डेटा ट्रांसफर से जुड़ा मामला?

बता दें कि गूगल पर यह मुकदमा ऐंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की तरफ से दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया कि Google ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को इस तरह प्रोग्राम किया कि वह बिना ज़रूरत के यूज़र्स का सेलुलर डेटा इकट्ठा करता रहा। समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, यह डेटा तब भी कलेक्ट किया गया जब यूज़र्स ने गूगल ऐप्स (Goole Apps) बंद कर दिए, लोकेशन-शेयरिंग ऑफ कर दी या फोन की स्क्रीन को लॉक कर दिया था।

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वादी पक्ष का कहना था कि मोबाइल कंपनियों से यूज़र्स द्वारा खरीदा गया यह डेटा Google ने अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट और टार्गेटेड विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया। Reuters के अनुसार, उन्होंने इसे ‘कन्वर्ज़न’ करार दिया। बता दें कि यह एक कानूनी शब्द है और तब लागू होता है जब कोई पक्ष गलत तरीके से दूसरे की संपत्ति पर कब्ज़ा कर उस पर कंट्रोल जताने की कोशिश करता है।

समझौते के लिए क्यों राज़ी हुआ गूगल?

समझौते की शर्तों के तहत गूगल ने किसी भी तरह की गलती से इनकार करना जारी रखा है। लेकिन 5 अगस्त को तय ट्रायल से पहले ही मामले को सेटल करने का फैसला किया। कोर्ट में प्रारंभिक सेटलमेंट दाख़िल कर दिया गया है जबकि बुधवार को गूगल की ओर से इस पर कोई अभी तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

डील के हिस्से के तौर पर गूगल ने आगे चलकर एंड्रॉयड में डेटा ट्रांसफर को संभालने के तरीके में बदलाव करने पर भी सहमति जताई है।

ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

सेटलमेंट के तहत गूगल को ऐंड्रॉयड डिवाइस सेटअप के दौरान डेटा ट्रांसफर से पहले यूज़र्स की सहमति लेना अनिवार्य होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी यूज़र्स के लिए डेटा ट्रांसफर रोकना भी आसान बनाएगी। इसके लिए ज्यादा साफ़ और स्पष्ट टॉगल ऑप्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा, Google Play की टर्म्स ऑफ सर्विस में भी इन डेटा ट्रांसफर्स की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी।

इस सेटलमेंट के तहत पात्र क्लास मेंबर्स ( are capped at $100 per person) को मिलने वाली राशि प्रति व्यक्ति अधिकतम 100 डॉलर तक सीमित होगी।

सेटलमेंट कितना बड़ा है?

वादी पक्ष की ओर से पेश वकील ग्लेन समर्स ने कोर्ट में दायर एक दस्तावेज़ में कहा कि उनके अनुसार 135 मिलियन डॉलर का यह भुगतान ‘कन्वर्ज़न’ मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सेटलमेंट है। वादियों के वकील लीगल फीस के रूप में सेटलमेंट फंड का 29.5% यानी करीब 39.8 मिलियन डॉलर तक की मांग कर सकते हैं।