IT कंपनियों को इन वायरस ने किया परेशान, गोपनीय जानकारी की चोरी और सिस्टम किया डैमेज

वायरस आईटी सिस्टम से आपकी गोपनीय जानकारी चुराने में तो माहिर हैं। साथ में ये सिस्टम के महंगे सॉफ्टवेयर को भी तबाह कर देते हैं।

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इन वायरस ने बैंकिंग सेक्टर और आईटी कंपनियों पर किया हमला।

आज हम आपको ऐसे 10 कंप्यूटर वायरस के बारें में जानकारी देने वाले हैं। जिन्होंने आईटी कंपनी और बैंकिंग सेक्टर को बीते 30 दिनों में काफी परेशान किया है। ये वायरस आईटी सिस्टम से आपकी गोपनीय जानकारी चुराने में तो माहिर हैं। साथ में ये सिस्टम के महंगे सॉफ्टवेयर को भी तबाह कर देते हैं। आपको बता दें कई बार सायबर अपराधाी इन वायरस की मदद से फ़िशिंग हमले और मैलवेयर वितरित करते हैं। आइए जानते है वायरस के बारे में….

Agent Tesla – ये वायरस यूजर्स के सिस्टम के कीबोर्ड इनपुर और सिस्टम कीबोर्ड की निगरानी करता है और इससे जानकारी एकत्रित करता है। इसके साथ ही ये वायरस आपके कंप्यूटर में से किसी जारूरी दस्तावेज का स्क्रीनशॉप भी ले सकता है। आपको बता दें इस वायरस गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स और माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक के फिल्टर को भी क्रॉस कर सकता हैं।

Trickbot – ये वायरस बैंकिंग वायरस के तौर पर भी जाना जाता है। अक्सर हैकर्स इस वायरस का इस्तेमाल बैंकिंग सिस्टम को हैक करने के लिए करते है। इसके साथ ही ट्रिकबॉट एक बार सिस्टम में एंट्री के साथ आपनी गिनती को लगातार बढ़ाता जाता है।

XMRig – ये ओपन-सोर्स सीपीयू माइनिंग वायरस है। जो क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग के लिए यूज होता है। इस वायरस का यूज सबसे पहली बार 2017 में किया गया था।

Tofsee – इस वायरस का यूज DDos हमलों, स्पैम ईमेल और माइनिंग क्रिप्टोकरेंसी के लिए किया जाता है। ​Tofsee का इस्तेमाल हैकर्स ने सबसे पहली बार 2013 के आसपास किया था।

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Ramnit – ये बैंकिंग सेक्टर से गोपनीय जानकारी चुराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वायरस है। इसके जरिए साइबर अपराधी बैंकिंग क्रेडेंशियल, एफटीपी पासवर्ड और व्यक्तिगत डेटा चुराते हैं।

Remcos – ये वायरस काफी तेजी से फैलता है और इसके लिए ये ऑफिस में किए जाने वाले ईमेल को यूज करता हैं। आपको बता दें ये वायरस Widnows UAC जैसी हाईटेक सुरक्षा को भी बायपास कर देता है।

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Nanocore – इस वायरस को 2013 में तैयार किया गया था। ये एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन है जो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को टारगेट करता है। ये वायरस स्क्रीन कैप्चर, क्रिप्टो करेंसी माइनिंग, रिमोट डेस्टॉप कंट्रोल और वेबकैम के जरिए जानकारिया चुराता है।

Formbook – यह केवल वेब ब्राउज़र से क्रेडेंशियल चुराता है और स्क्रीनशॉट, मॉनिटर और लॉग कीस्ट्रोक्स एकत्र करता है। इसमें फाइलों को चुराने की क्षमता नहीं होती।

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