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6 टांगों वाला यह रोबोट उड़ा रहा लोगों के होश, देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर 6 पैरों वाले मकड़ी रोबोट का वीडियो वायरल हो रहा है। पहली बार में यह डरावना लगता है। इस देखने पर ऐसा लगता है कि जैसे किसी हॉलीवुड फिल्म में इस तरह का डरावना रोबोट बाहर आ गया हो।

वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया पर 6 पैरों वाले मकड़ी रोबोट का वीडियो वायरल हो रहा है। देखने पर पहली बार में यह डरावना लगता है। इसे देखने पर ऐसा लगता है कि जैसे किसी हॉलीवुड फिल्म में कोई डरावना रोबोट बाहर आ गया हो। कहा जा रहा है कि यह दुनिया का पहला 6 पैरों वाला 2 टन का पूरी तरह से संचालित होने वाला रोबोट है। टेक इंसाइडर ने इस रोबोट का वीडियो ट्वीट किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस रोबोट में बैठकर या रिमोट से इसे चलाया जा सकता है। इसमें 2.2 लीटर का टर्बो डीजल इंजन लगा है। हालांकि इस रोबोट की सफल टेस्ट ड्राइव 2012 में ही कर ली गई थी। चीफ डिजायनर मैट डेंटन को इसे इस मशीन को बनाने में तीन साल लगे। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 पैरों वाला पैदल चलने वाला रोबोट मेंटिस माइक्रोमैजिक सिस्टम से आया है। यह अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा रोबोट है। यह 9 फुट लंबा है और इसके रास्ते में आने वाली चीज को यह अपने पैरों से चकनाचूर करने में सक्षम है।

बता दें कि चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा रोबोट बनाने का काम शुरू कर दिया है। मीडिया खबरों के अनुसार चीन रोबोट मामले में अपने आप सबसे आगे लाना चाहता है, इसी के तहत अब एक ऐसा युद्धपोत बना रहा है जो बिना इंसानों के चलेगा। कहा जा रहा कि चीन का यह मानव रहित युद्धपोत सैटेलाइट नेविगेशन, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल साइट्स, सोनर और डेटालिंक्स पर आधारित होगा। जून 2017 में रॉल्स रॉयस कंपनी ने कोपेनहेगन बंदरगाह पर दुनिया के पहले मानव रहित पानी वाले कॉमर्शियल जहाज का प्रदर्शन किया था। अमेरिका भी मानव रहित जहाज सी हंटर पर काम कर रहा है। रोबोटिक युद्धपोत एंटी सबमरीन मिसाइलों को हैंडल करने के उद्देश्य से भी बनाए जा रहे हैं।

खबर यह भी है कि इंसानों की तरह दिखने वाली सोफिया नाम की रोबोट माउंट एवरेस्ट चढ़ेगी। सोफिया दुनिया पहली नॉन ह्यूमन है जिसे एक देश का नागरिकता तक दी गई है। इसी साल सऊदी अरब ने सोफिया को अपनी नागरिकता दी है। सोफिया इंसानों की तरह बात भी कर लेती है। वह इवेंट्स में हिस्सा लेती है और समझदारी भरी बातें करती है। एक इवेंट में सोफिया ने कहा- “प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धि हमें गरीबी, भूख समाप्त करने, बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने, भ्रष्टाचार से लड़ने और लिंग समानता सुनिश्चित करने में एक बड़ी छलांग लगाने में मदद कर सकती है।”

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