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Vikram Sarabhai Google Doodle: विक्रम साराभाई पर गूगल ने क्यों बनाया डूडल, जानिए कौन थे ये

Vikram Sarabhai Google Doodle (विक्रम साराभाई): उन्हें 1962 में शांति स्वरूप भटनागर मेडल से भी सम्मानित किया गया था। साराभाई 18 साल की उम्र में पारिवारिक मित्र रबींद्रनाथ टैगोर की सिफारिश पर कैंब्रिज पहुंच गए।

उस समय साराभाई की उम्र महज 28 साल थी लेकिन कुछ ही सालों में उन्होंने पीआरएल को विश्वस्तरीय संस्थान बना दिया।

 Vikram Sarabhai Google Doodle (विक्रम साराभाई): Google  ने आज विक्रम साराभाई का डूडल बनाया है। विक्रम साराभाई वही हैं जिन्होंने भारत को चांद पर पहुंचा दिया है। आज उनकी 100वीं जयंती है। उनका जन्म 12 अगस्ता 1919 को हुआ था। साराभाई को भारतीय स्पेस प्रोग्राम का जनक भी माना जाता है। उन्हें 1962 में शांति स्वरूप भटनागर मेडल से भी सम्मानित किया गया था। साराभाई 18 साल की उम्र में पारिवारिक मित्र रबींद्रनाथ टैगोर की सिफारिश पर कैंब्रिज पहुंच गए। हालांकि, दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने पर वह बेंगलुरु के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस में नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सीवी रमन के तत्वाधान में रीसर्च करने पहुंचे।

भौतिक विज्ञान के अध्ययन-अनुसंधान के इस केंद्र के लिए उन्होंने अपने पिता से ही वित्तीय मदद मिली थी। उस समय साराभाई की उम्र महज 28 साल थी लेकिन कुछ ही सालों में उन्होंने पीआरएल को विश्वस्तरीय संस्थान बना दिया। साराभाई को उनके बेहतर काम के लिए वर्ष 1966 में पद्म विभूषण सम्मान से भी नवाजा गया था।

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Vikram Sarabhai Google Doodle: 

Highlights

    11:14 (IST)12 Aug 2019
    थुंबा गांव से की थी स्पेस प्रोग्राम की शुरूआत

    स्पेस प्रोग्राम की शुरूआत तिरुवनंतपुरम के एक गांव थुंबा से की जहां न ही इन्फ्रास्ट्रक्चर था और न ही वहां बने ऑफिस में छत। ऐसे में भी युवा भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम टेक्नॉलजी, प्रॉपलेंट्स, नोज कोन्स और पेलोड जैसी चीजें बनाते थे।

    10:51 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: ऐसे सोचते थे साराभाई

    विक्रम हमेशा एक वैज्ञानिक के तौर पर सोचते थे। उनका कहना था कि जिस शख्स ने विज्ञान के तरीकों को खुद में उतार लिया है, वह किसी स्थिति को एक नए नजरिये से देखता है। शायद यही कारण था कि विक्रम के काम करने के तरीके में इनोवेशन, इंटरप्राइज और इंप्रवाइजेशन सबसे अहम था।

    10:31 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: अटॉमिक एनर्जी कमीशन को भी संभाला

    साराभाई मैसचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में विजिटिंग प्रॉफेसर रहे और होमी भाभा के निधन के बाद कुछ वक्त तक अटॉमिक एनर्जी कमीशन को भी संभाला।

    10:05 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: सफल व्यापारों की रखी नींव

    साराभाई ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेंजमेंट, अहमदाबाद, दर्पण अकैडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, कई सफल व्यापारों की नींव रखी।

    09:45 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: इसलिए लिया बेहतर टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने का फैसला

    विक्रम ने बचपन में अपनी एक रिश्तेदार से कपड़ा मिलों में काम करने वाले मजदूरों के संघर्षों की कहानियां सुनीं। आजादी के आंदोलन के वक्त उनकी मां और बहन को जेल जाना पड़ा। उनकी छोटी बहन गीता की हालत यह सब देखकर काफी खराब हो गई। कुछ साल बाद उनके भाई की भी अचानक बीमारी से मौत हो गई। इन सब अनुभवों से उनके अंदर सामाजित चेतना जागी जिसने उन्हें बेहतर टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने का निश्चय किया।

    09:18 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: इसलिए चुना ये फील्ड

    भले ही साराभाई का परिवार संपन्न था, माना जाता है कि अपने नजदीकियों की जिंदगी से सीखकर ही उन्होंने विज्ञान, खासकर स्पेस प्रोग्राम का इस्तेमाल भारत के गरीब लोगों की मदद के लिए करने का निश्चय किया।

    09:02 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: पंडित नेहरू ने भी किया था समर्थन

    करीब 15 साल बाद जब वैज्ञानिकों ने स्पेस के अध्ययन के लिए सैटलाइट्स को एक अहम साधन के रूप में देखा, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू और होमी भाभा ने विक्रम साराभाई को चेयरमैन बनाते हुए इंडियन नैशनल कमिटी फॉर स्पेस रीसर्च की स्थापना के लिए समर्थन दिया।

    08:41 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: इस तरह की विदेशी साइंटिस्ट्स की मदद

    अमेरिकन फिजिसिस्ट और नोबेल पुरस्कार विजेता रॉबर्ट मिलिकन जब कॉज्मिक रे इंटेंसिटी के वर्ल्ड सर्वे के लिए भारत आए, तो विक्रम ने अपने बलून एक्सपेरिमेंट से उनकी मदद की जिससे कॉज्मिक रेज और ऊपरी वायुमंडल के गुणों की ओर उनकी रुचि और बढ़ गई।

    08:22 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: मृणालिनी स्वामिनाथन से हो गया था प्यार

    इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस में उनकी मुलाकात प्रखर युवा विज्ञानी होमी भाभा से हुई। यहीं वह क्लासिकल डांसर मृणालिनी स्वामिनाथन से भी मिले जिनसे उन्हें प्रेम हो गया।

    08:00 (IST)12 Aug 2019
    Vikram Sarabhai Google Doodle: बढ़ती जा रही स्पेस में सफलता की कहानी

    भारत की बहुप्रतीक्षित चंद्रयान 2 मिशन चांद की ओर जैसे-जैसे बढ़ रहा है, भारतीय स्पेस प्रोग्राम की सफलता की वह कहानी आगे बढ़ती जा रही है जिसकी नींव साराभाई ने ही रखी थी।