UIDAI: no need any address proof for update address in aadhaar data, know here what is the plan - ऐड्रेस प्रूफ नहीं होने पर भी आधार में बदलवा सकेंगे पता, ये है प्लान - Jansatta
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ऐड्रेस प्रूफ नहीं होने पर भी आधार में बदलवा सकेंगे पता, यह होगा तरीका

UIDAI आधार कार्ड धारक को पत्र के माध्यम से एक सीक्रेट पिन भेजेगा। ये सीक्रेट पिन वैसा ही होगा जैसे बैंक आपके पते पर क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का सीक्रेट पिन भेजते हैं।

UIDAI ने कहा कि इस नई सर्विस का पायलट एक जनवरी 2019 से शुरू होगा और एक अप्रैल 2019 से इसका परिचालन शुरू करने का प्रस्ताव है।

आधार कार्ड में पता बदलवाने के लिए अभी उस पते का प्रूफ देना होता है जिसे आप अपने आधार कार्ड में डलवाना चाहते हैं। अब UIDAI अगले साल से एक नई सर्विस शुरू करने जा रहा है। इस सर्विस के शुरू होने के बाद आधार कार्ड में पता बदलवाना आसान हो जाएगा। यह उन लोगों के लिए अच्छा होगा जिन्हें अपने आधार कार्ड में पता तो बदलवाना है लेकिन उनके पास कोई प्रूफ नहीं है। इस सर्विस के तहत UIDAI आधार कार्ड धारक को पत्र के माध्यम से एक सीक्रेट पिन भेजेगा। ये सीक्रेट पिन वैसा ही होगा जैसे बैंक आपके पते पर क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का सीक्रेट पिन भेजते हैं। आधार कार्ड धारक को सिर्फ इस एक पत्र और पिन संख्या के माध्यम से अपना पता बदलने की सुविधा मिलेगी।

UIDAI का इस सर्विस को एक अप्रैल से शुरू करने का प्रस्ताव है। यूआईडीएआई ने कहा कि जिनके पास उनकी मौजूदा निवास स्थान का कोई मान्य प्रमाण नहीं है। वह पते के सत्यापन के लिए पिन कोड वाले आधार पत्र के माध्यम से अनुरोध कर सकते हैं। एक बार व्यक्ति को यह पत्र प्राप्त हो जाएगा तो वह इस सीक्रेट पिन के माध्यम से एसएसयूपी ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आधार में पते का बदलाव कर सकते हैं।

UIDAI ने कहा कि इस नई सर्विस का पायलट एक जनवरी 2019 से शुरू होगा और एक अप्रैल 2019 से इसका परिचालन शुरू करने का प्रस्ताव है। अभी आधार में पता बदलवाने के लिए लोगों को आधार नियम में मौजूद 35 डॉक्यूमेंट में से एक को फॉर्म भरते समय देना होता है। इसमें पासपोर्ट, बैंक पासबुक, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, रेंट एग्रीमेंट और मैरिज सर्टिफिकेट आदि देना होता है।

आपको बता दें कि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने यूजर्स के लिए वर्चुअल आईडी की शुरुआत कर दी है। वर्चुअल आईडी 16 अंकों वाली रेंडम संख्या है, जिसे UIDAI की वेबसाइट से जेनरेट किया जा सकता है। वेरिफिकेशन या ऑथेंटिकेशन के लिए आधार संख्या बताने की जरूरत होगी। वर्चुअल आईडी आधार संख्या के शुरुआती विकल्प के रूप में काम करेगी। इससे आधार डेटा और भी अधिक सुरक्षित हो जाएगा। इस आईडी का उपयोग आधार में पते को ऑनलाइन अपडेट करने के लिए भी किया जा सकता है।

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