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नई सुविधा: मोबाइल में नेटवर्क नहीं हो तो भी कर सकेंगे फोन

आपके मोबाइल फोन में सिग्नल नहीं आते हैं या फिर आप सफर के दौरान आपके मोबाइल नेटवर्क में सिग्नल नहीं आ रहे हैं। कुछ ही दिनों में आप अपने घर या ​आॅफिस के वाई-फाई ब्रॉडबैंड से मोबाइल के अलावा लैंडलाइन को भी कॉल कर सकेंगे।

सरकार ने ये कदम कॉलड्राप की समस्या से निपटने के लिए उठाया है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी देश के गांवों और छोटे हिस्सों में रहते हैं। फोटो- रायटर्स

अगर आपके मोबाइल फोन में सिग्नल नहीं आते हैं या फिर आप सफर के दौरान आपके मोबाइल नेटवर्क में सिग्नल नहीं आ रहे हैं। कुछ ही दिनों में ये समस्या बीते दिनों की बात हो जाएगी। जल्दी ही आप अपने घर या ​आॅफिस के वाई—फाई ब्रॉडबैंड से मोबाइल के अलावा लैंडलाइन को भी कॉल कर सकेंगे। मंगलवार (1 मई) को केन्द्र सरकार ने देश में इंटरनेट से फोन करने की सुविधा देने वाले प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

किसे मिलेगा लाइसेंस : टेलीकॉम आॅपरेटरों के अलावा अन्य कंपनियां भी इंटरनेट टेलीफोन का लाइसेंस हासिल कर सकेंगी। ये कंपनियां आपको नया मोबाइल नंबर देंगी जिसके लिए सिमकार्ड की जरूरत नहीं होगी। वहीं इंटरनेट से टेलीफोन एप को डाउनलोड करने के बाद एक्टिवेट किया जा सकेगा। टेलीकॉम नीति निर्माता ट्राई ने अक्टूबर 2017 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। मंजूरी देने के पीछे कारण, उन उपभोक्ताओं को राहत दिलाना था, जो कनेक्टिीविटी की समस्या के कारण परेशान थे और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे थे।

किसने दी है मंजूरी : इस प्रस्ताव को दूरसंचार मंत्रालय की अंतरिम समिति ने मंजूरी दी है। इससे अब रिलायंस जियो, बीएसएनएल, एयरटेल समेत अन्य तमाम कंपनियों के लिए भी इंटरनेट कॉलिंग सुविधा देने का रास्ता साफ हो गया है। ट्राई के सलाहकार अरविंद कुमार बताते हैं कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को नई संचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ग्राहकों के पास ज्यादा विकल्प होंगे, खासतौर पर उन इलाकों में जहां खराब नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। इसमें वह इलाके भी शामिल हैं जिसमें ऐसी कई इमारतें और घर शामिल हैं जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क सिग्नल तो कमजोर आता है, लेकिन वाई—फाई के सिग्नल खूब आते हैं।

कैसे करेगा काम: इंटरनेट से फोन करने की प्रकिया के बारे में समझाते हुए एक अधिकारी ने कहा कि इंटरनेट पर टेलीफोन सेवा हासिल करने के लिए उपभोक्ता अपने आॅपरेटर की एप को डाउनलोड करेगा। इसके बाद उसे 10 अंकों का मोबाइल नंबर जारी कर दिया जाएगा। ये नंबर दूसरे किसी भी मोबाइल नंबर की तरह ही होगा। उदाहरण के लिए, अगर आप अपने मोबाइल में एयरटेल का सिम इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बाद में आप जियो का इंटरनेट टेलीफोन डाउनलोड कर लेते हैं तो आपको नया और अलग नंबर दे दिया जाएगा। इस एप का इस्तेमाल ब्रॉडबैंड की मदद से कॉल करने के लिए किया जा सकेगा।

नंबर वही रहेगा, अगर.. : हालांकि अगर आप उसी टेलीकॉम कंपनी की एप डाउनलोड करते हैं जिसके आप उपभोक्ता हैं तो नंबर वही रहेगा। ट्राई ने वॉयस कॉल की तुलना में इंटरनेट कॉल को ज्यादा किफायती माना है। इससे खराब कवरेज ​एरिया वाले इलाकों के लोग भी कॉल कर सकेंगे, खासतौर पर ऐसी हालत में जब नेटवर्क उपलब्ध न हो।

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