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आतंकवादियों की मदद कर रहा WhatsApp, बैन की मांग उठी, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

29 जून को होगी सुनवाई। end-to-end एन्क्रिप्शन की वजह से आतंकवादियों के संदेशों को भी डिकोड नहीं कर पा रही सुरक्षा एजेंसियां।

इन स्मार्टफोन्स पर व्हाट्सऐप काम नहीं करेगा।

अगले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में व्हाट्सऐप पर बैन लगाने को लेकर सुनवाई होनी है। एक जनहित याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सऐप के नए end-to-end एन्क्रिप्शन फीचर की वजह से इसके मैसेज ट्रैक करना नामुमकिन है। इससे व्हाट्सऐप आतंकवादियों के लिए संपर्क और अपना नेटवर्क मजबूत करने का एक नया साधन बन गया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 29 जून को सुनवाई करेगा।
आरटीआई एक्टिविस्ट सुधीर यादव की इस याचिका में कहा गया है कि व्हाट्स ऐप ने अप्रैल से ही एन्किप्रशन लागू किया है, जिससे इस पर चेट करने वालों की बातें सुरक्षित रहती हैं। यहां तक कि सुरक्षा एजेंसियां और खुद व्हाट्सऐप भी इन्हें डिकोड नहीं कर सकते। यदि डिकोड करने की पूरी कोशिश भी करते हैं तो एक 256-विट के छोटे से मैसेज में ही सैकड़ों साल लग जाएंगे।

इस प्रणाली की वजह से आतंकियों और अपराधियों को संदेश भेजने में आसानी होगी और देश की सुरक्षा को खतरा होगा। ऐसे में व्हाट्स ऐप पर बैन लगना चाहिए। याचिका में व्हट्स ऐप के अलावा दूसरी भी कई ऐप्स का जिक्र किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन को सुपर कंप्यूटर से भी इंटरसेप्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए व्हाट्स ऐप, वाइबर, टेलीग्राम, हाइक और सिग्नल जैसे एप्स पर रोक लगाई जानी चाहिए।

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