ताज़ा खबर
 

व्यक्तित्व,राज अय्यर : अमेरिकी सेना में भारतवंशी सूचना अधिकारी

अमेरिकी सेना में मुख्य सूचना अधिकारी के पद पर पहली बार किसी भारतीय मूल के व्यक्ति को नियुक्त किया गया है। राज अय्यर को इस पद पर नियुक्ति मिली है।

Author Updated: January 12, 2021 1:21 AM
Raj Ayyarराज अय्यर, मुख्‍य सूचना अधिकारी प्रौद्योगिकी, अमेरिकी सेना। फाइल फोटो।

अब वह ‘आॅफिस आॅफ द सेक्रेटरी आॅफ द आर्मी’ में मुख्य सूचना अधिकारी के तौर पर काम करते हुए प्रौद्योगिकी और सूचना प्रबंधन से जुड़े मामलों पर सेना के प्रधान सलाहकार होंगे।

पिछले साल जुलाई में सृजित किए गए तीन सितारा जनरल के ओहदे के बराबर के इस पद के महत्त्व का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि ‘आॅफिस आॅफ द सेक्रेटरी आॅफ द आर्मी’ में सीआइओ अर्थात मुख्य सूचना अधिकारी के तौर पर काम करते हुए अय्यर सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रबंधन से जुड़े मामलों पर सेना के प्रधान सलाहकार होंगे।

अमेरिकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े सामरिक मामलों के साथ ही साइबर सुरक्षा और क्लाउड मैनेजमेंट के प्रभारी होंगे तथा इस मद से जुड़े 18 अरब डॉलर के बजट के उचित नियोजन और निष्पादन द्वारा अमेरिका एवं उसकी संबद्ध सेनाओं को प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले सूचना और प्रौद्योगिकीय रूप से बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में पैदा हुए राज अय्यर का बचपन बंगलुरु में बीता और उन्होंने त्रिची स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से पढ़ाई करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया। हालांकि उन दिनों विदेश में शिक्षा ग्रहण करना बहुत महंगा हुआ करता था और उनके पिता मनक्कल के. गणेशन की सारी जमा पूंजी से उनकी पढ़ाई के पहले सेमेस्टर की फीस ही भरी जा सकी। धुन के पक्के और शिक्षा के महत्त्व को बखूबी समझने वाले अय्यर ने जल्द ही अपनी पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप हासिल की और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्सस से पीएचडी करने से पहले उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया और उसके बाद यूनिवर्सिटी आॅफ मिशिगन से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विभिन्न अमेरिकी कंपनियों में काम किया और मुख्यत: सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं।

इस दौरान वह सैन्य कंपनियों के शीर्ष पदों पर रहे और 26 साल के उनके करिअर के दौरान उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल स्तर पर सेना को मजबूत करने के उपाय सुझाने के साथ ही सामरिक रणनीति, नवाचार और आधुनिकीकरण से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ के रूप में ख्याति प्राप्त की।

राज अय्यर को विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने कर्तव्यों के कुशल निर्वहन के लिए ‘मेरिटोरियस सिविलियन सर्विस अवार्ड’ और ‘इंटरनेशनल विलियम कोरनाय स्टैंडर्ड प्रफेशनल अवार्ड’ से नवाजा गया। इसके अलावा दुनिया भर में उनके दर्जनों लेख और शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं।

आशा है कि उनकी उपलब्धियों का यह सिलसिला आने वाले समय में इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा। अय्यर के पारिवारिक जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी बृंदा अमेरिका सरकार में स्वास्थ्य देखरेख सूचना प्रौद्योगिकी कार्यक्रम प्रबंधक हैं। उनके दो पुत्रों में से बड़े पुत्र अश्विन अय्यर यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि छोटे पुत्र अभिषेक अय्यर नौवीं कक्षा के छात्र हैं।

Next Stories
1 शोध: शैवाल कोशिकाओं से बना डाला हाइड्रोजन
2 सम-सामयिक: वाट्सऐप की नई नीति क्या-क्या हैं सवाल
3 Kaun Banega Crorepati 11 January Episode: आज के एपिसोड में पूछे गए हैं ये सवाल, आप भी जानिए इनके जवाब
ये पढ़ा क्या?
X