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पतंजलि का ‘देसी वॉट्सऐप’ हुआ ‘लापता’ तो टि्वटर पर ऐसे मौज लेने लगे लोग

योग गुरू और पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव इसे स्वदेशी के नारे के तहत लाए थे। वह इसके जरिए भारत में वॉट्सऐप को टक्कर देना चाहते थे। पर किंभो का सामना अमेरिकी मैसेजिंग ऐप से होता, उससे पहले ही बाबा और उनका यह देसी शस्त्र सोशल मीडिया पर फुस्स बता दिया गया।

प्ले स्टोर से किंभो हटाए जाने के बाद लोगों ने टि्वटर पर रामदेव, पतंजलि और किंभो की खूब खिल्ली उड़ाई। (फोटोः फेसबुक/टि्वटर)

पतंजलि का किंभो ऐप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर से इस वक्त लापता है। योग गुरू और पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव इसे स्वदेशी के नारे के तहत लाए थे। वह इसके जरिए भारत में वॉट्सऐप को टक्कर देना चाहते थे। पर किंभो का सामना अमेरिकी मैसेजिंग ऐप से होता, उससे पहले ही बाबा और उनका यह देसी शस्त्र सोशल मीडिया पर फुस्स बता दिया गया। लोगों ने किंभो के गायब होने के बाद टि्वटर पर इसके और रामदेव के जमकर मजे लिए।

यूजर्स ने पूछा कि बाबा अब आप क्या स्वदेशी टिंडर भी लाने वाले हैं? वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि ऐप के टैगलाइन में भारत का जिक्र है, जबकि प्ले स्टोर पर दिखाए गए फोटो में पाक एक्ट्रेस नजर आ रही है? यह भेदभाव कैसा? वहीं, फ्रांस के सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस ऐप को जोक और सिक्योरिटी डिजास्टर करार दिया।

लॉन्च के चंद घंट बाद ही पतंजलि का देसी व्हाट्सऐप ‘गायब’, जानें क्या है पूरा किस्सा

बता दें कि बुधवार (30 मई) को रामदेव की पतंजलि कम्युनिकेशन ने किंभो लॉन्च किया था। यह वॉट्सऐप का स्वदेशी वर्जन बताया गया। कंपनी ने इसकी टैगलाइन रखी, ‘अब भारत बोलेगा।’ फिलहाल यह बीटा वर्जन में है, जिसके कारण इसमें कुछ गड़बड़ियां थीं। ऐसे में कंपनी ने लॉन्चिंग के कुछ ही घंटों बाद इसे प्ले स्टोर से हटा लिया।

अभिषेक सिंह ने ट्वीट कर कहा, “यह ‘बोलो’ ऐप पर तैयार की गई है। किंभो टीम इतनी बेवकूफ है कि उसने ओटीपी एसएमएस फॉर्मेट भी नहीं बदला। यहां तक कि डिस्क्रिप्शन में ब्यौरा भी बोलो ऐप जैसा दिखता है।” जागृति शुक्ला बोलीं, “सिम कार्ड के बाद बाबा किंभो देसी मैसेजिंग ऐप लाए हैं। कुछ दिन बाद बाबा और उनकी कंपनी न्यूक्लियर हथियार बनाएगी।”

देखिए लोगों की प्रतिक्रियाएं

वहीं, किंभो चैट ऐप के अकाउंट से इस मसले पर सफाई आई। कहा गया कि उनकी ऐप पर अचानक ढेर सारा ट्रैफिक आ गया। ऐसे में वह अपने सर्वर अपग्रेड कर रहे हैं। जल्द ही वह वापस लौटेंगे। किंभो ने इसके साथ माफी भी मांगी है।

क्या है किंभो में: किंभो सोशल मैसेजिंग ऐप है। वॉट्सऐप जैसी। प्रोफाइल बनाएं, दोस्तों को जोड़ें और चैट करें। वॉइस और वीडियो कॉलिंग के विकल्प इसमें हैं। मैसेजिंग के दौरान सजेशंस में हेलो-हाय के साथ राम-राम और नमस्ते जैसे शब्द होंगे। ऐप में इसके अलावा ढेर सारे देसी और मजेदार स्टिकर्स भी होंगे।

किंभो का मतलब: संस्कृत बोलचाल में किंभो शब्द का इस्तेमाल हाल-चाल पूछने के लिए किया जाता है। यू समझिए यह हेल, आप कैसे हैं या वॉट्स अप का संस्कृत वर्जन है।

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