3 मार्च 2026 को शाम के समय आकाश में पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी Blood Moon की अद्भुत खगोलीय घटना होने जा रही है। यह साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) है और इसे विज्ञान में तब देखा जाता है जब पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच पूरी तरह आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है जिससे चांद लाल रंग का दिखाई देता है।

2026 का पहला चंद्रग्रहण क्यों है खास?

यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में पूरी तरह डूबता है और सूरज की लाल रोशनी वायुमंडलीय प्रकाश अपवर्तन के कारण चंद्रमा पर प्रतिबिंबित होती है। इसी वजह से इसे ब्लड मून कहा जाता है।

भारत में कहां-कहां दिखेगा चंद्रग्रहण?

भारत के कई हिस्सों में चंद्रमा ढलते समय या उसके बाद ग्रहण की अंतिम अवस्था देखी जा सकेगी क्योंकि ग्रहण का मुख्य भाग पहले ही शुरू हो चुका होगा। उत्तर-पूर्वी भारत जैसे गुवाहाटी और शिलॉन्ग में पूरा ब्लड मून दिखाई देने की संभावना ज्यादा है। जबकि अन्य शहरों में चंद्रमा का उगते समय ग्रहण का आख़री हिस्सा ही मिलेगा।

3 मार्च को यह ब्लड मून पूर्ण चंद्र ग्रहण (Blood moon total lunar eclipse) उन अरबों लोगों को दिखाई देगा जो पृथ्वी पर उस जगह मौजूद होंगे जहां रात है। हालांकि, सबसे बेहतरीन दृश्य उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी हिस्से, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र से देखने को मिलेंगे।

चंद्र ग्रहण का समय: Lunar Eclipse Time

भारतीय समयानुसार साल का पहला चंद्र ग्रहण 2 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।

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कैसे होता है चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन ही लगता है क्योंकि उसी समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं।

ग्रहण की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझें:

-सूर्य से रोशनी निकलती है।

-पृथ्वी बीच में आकर उस रोशनी को रोक देती है।

-पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

-जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) में आ जाता है तो पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।

चंद्र ग्रहण के समय चांद लाल क्यों दिखाई देता है? (Blood Moon Science)

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा अक्सर लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है। इसे ही “ब्लड मून” (Blood Moon) कहा जाता है।

इसके पीछे का विज्ञान क्या है:

पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की रोशनी को मोड़ (Refraction) देता है।

छोटी तरंग दैर्ध्य वाली नीली रोशनी बिखर जाती है (इसे Rayleigh Scattering कहते हैं)।

लाल रंग की रोशनी कम बिखरती है और पृथ्वी के वायुमंडल से मुड़कर चंद्रमा तक पहुँच जाती है।

यही लाल रोशनी चंद्रमा को लाल दिखाती है।

आसान शब्दों में समझें तो जैसे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आकाश लाल दिखता है, उसी तरह चंद्र ग्रहण के समय चांद लाल दिखता है।

याद रखें
चंद्र ग्रहण आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है (कोई खास चश्मा नहीं चाहिए)।

साफ आसमान और पूर्वी दिशा की तरफ खुला दृश्य सबसे अच्छा रहेगा।

सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण

देश में ग्रहण को लेकर विभिन्न परंपराएं हैं। ग्रहण के दौरान कुछ लोग धार्मिक सावधानियाँ अपनाते हैं और सूतक काल के नियमों का पालन करते हैं। जबकि वैज्ञानिक रूप से यह केवल एक प्राकृतिक घटना है।

नोट: इस ग्रहण का दृश्य आम लोगों को लालिमा के साथ केवल कुछ मिनटों के लिए दिखाई देगा। लेकिन यह फिर भी एक दुर्लभ और आकर्षक खगोलीय अनुभव होगा जिसे बिना किसी विशेष उपकरण के देखा जा सकता है।

कब और कहां देखें देखें चंद्र ग्रहण लाइव: When to Watch Lunar Eclipse 2026

यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका में दिखाई देगा और पृथ्वी पर इसके बाद अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण न्यू ईयर ईव पर 2028-2029 को लगेगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) कहा जाता है। यह लाल रंग पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा सूर्य के प्रकाश को मोड़ने (प्रकीर्णन) के कारण दिखाई देता है।

कई बड़े स्पेस और एस्ट्रोनॉमी प्लेटफॉर्म जैसे NASA, European Space Agency (ESA) और कई अन्य यूट्यूब चैनल व सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) पर इस चंद्र ग्रहण के नजारे को लाइव देखना संभव होगा। अगर आप घर बैठे चंद्र ग्रहण देखना चाहते हैं तो timeanddate के Youtube चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर..