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दुनिया का पहला 5G स्मार्टफोन Samsung Galaxy S10 लॉन्च, जानिए- क्या है खासियत

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने शुक्रवार को दुनिया का पहला 5जी फोन Samsung Galaxy S10 लॉन्च किया। दक्षिण कोरिया में तीन सर्विस प्रोवाइडर 5जी सेवाएं मुहैया कराएंगे।

दक्षिण कोरिया में तीन नेटवर्क प्रोवाइडर उपलब्ध कराएंगे सेवा। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

दक्षिण कोरिया की फोन बनाने वाली कंपनी सैमसंग ने शुक्रवार को दुनिया का पहला 5G फोन Samsung Galaxy S10 लॉन्च किया है। 5G फोन लॉन्च कर सैमसंग ने अन्य प्रतिद्वंद्वी कंपनियों पर बढ़त ले ली है। इसके साथ ही साउथ कोरिया देशभर में 5जी सेवाओं को लॉन्च करने वाला पहला देश भी बन गया।

5G सेवा शुरू होने के बाद से तीन सुपरफास्ट नेटवर्क प्रोवाइडर्स की मदद से यूजर्स को सुपरफास्ट डाटा स्पीड मिलेगी। इस स्पीड से एक पूरी फिल्म को महज एक सेकंड से कम समय में ही डाउनलोड किया जा सकेगा। इस 5जी फोन की कीमत 61,490 रुपये है। एनडीटीवी की खबर के अनुसार फोन खरीदने वाले 38 वर्षीय शिम जी-हाय ने कहा, ‘मैं विडियो, मूवी और लेक्चर का शौकीन हूं। मुझे उम्मीद है कि तेज स्पीड से मुझे अपने टाइम को मैनेज करने में मदद मिलेगी।’

एक अन्य यूजर ने कहा कि वह वर्चुअल रिएलिटी कंटेंट को लेकर उत्साहित है। रिसर्चर ली सांग-यून ने कहा, वीआर कंटेंट को रियल टाइम में बिना किसी देरी के देखा जा सकेगा… मैं बेहतरीन रेजोल्यूशन और स्पीड का आनंद ले सकूंगा। शुक्रवार को 5G सेवाओं को शुरू करने से पहले इस सेवा का आनंद साउथ कोरिया में अभी चुनिंदा लोग ही उठा सकेंगे।

सैमसंग की प्रतिद्वंद्वी एलजी भी एक अन्य 5G फोन V50 ThinQ फोन को इसी महीने लॉन्च करने वाली है। जबकि अमेरिका में वेरिजन नेटवर्क लेनेवो का Moto Z3 के साथ मिलकर काम कर रहा है। 5G सेवाओं को कॉमर्शियल रूप से शुरू करने के बाद दक्षिण कोरिया ने तकनीक के निर्माण का मौका दिया है।

यह ऑटोनोमस व्हीकल और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए भविष्य की तकनीक के लिए महत्वपूर्ण है। लंदन के ग्लोबल सिस्टम ऑफ मोबाइल कम्यूनिकेशन के अनुसार माना जा रहा है कि साल 2034 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को 565 अरब डॉलर तक का फायदा होगा। इस नई तकनीक के शुरू होने के बाद से कोरिया ने बीजिंग के खिलाफ वाशिंगटन को खड़ा किया है… जिसकी कंपनियां 5G तकनीक में दबदबा रखती हैं।

इससे पहले अमेरिका सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने साथियों और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को चीनी स्वामित्व वाली कंपनी हुवावे की तरफ से 5G सॉल्यूशन से बचने का दबाव डालता रहा है। चीनी कंपनी के पास कुल 3400 5G पेटेंट हैं जो कुल पेटेंट का एक तिहाई है।

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