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मोबाइल ऐप पेमेंट में ग्राहकों को लगे न चूना, RBI ने बनाया यह प्लान

आरबीआई ने कहा है कि अनऑथराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस के बारे में बैंक को समय पर सूचना देने पर ग्राहकों को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।

क्रेडिट कार्ड। प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय रिजर्व बैंक ने मोबाइल ऐप से पेमेंट के दौरान ग्राहकों को फ्रॉड से बचाने के लिए कस्मर्स प्रोटेक्शन के दो उपाय लागू करने का ऐलान किया है। इसमें एक यह है कि फ्रॉड की सूरत में ग्राहकों की लायबिलिटी कम की गई है। दूसरा यह कि ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म को लागू किया गया है। रिजर्व बैंक ने यह बड़ा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि देश में मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से लेनदेन करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक बीते सितंबर माह में 18 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से और 21.3 लाख करोड़ के लेनदेन मोबाइल बैंकिग के माध्यम से हुए। रिजर्व बैंक दिसंबर के अंत तक इस बाबत गाइडलाइंस जारी कर सकता है।

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई ने कहा है कि बिना ग्राहकों की इजाजत वाले इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लेनदेन (अनऑथराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस) के बारे में बैंक को समय पर सूचना देने पर उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाएगा। यह केंद्रीय बैंक के उस आदेश का विस्तार है, जिसके तहत ग्राहकों को ऑनलाइन और क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के तहत सुरक्षा दिया था। पहले यह नियम था कि यदि ग्राहक तीन कार्य दिवस के अंदर फ्रॉड की जानकारी देता है तो उसे इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि 7 दिन के अंदर जानकारी देने पर ग्राहकों की लायबिलिटी 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होगी। लेकिन अब आरबीआई ने कस्टमर को मिलने वाले सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है।

केंद्रीय बैंक ने ग्राहक सुरक्षा अभियान के तहत डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए ओंबड्समैन स्कीम भी शुरू की है। आरबीआई के डिप्टी गर्वनर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने की केंद्रीय बैंक की कोशिश की वजह से इसमें काफी वृद्धि हुई है। इस पर भरोसा बनाए रखने के लिए एक मजबूत शिकायत निपटारा व्यवस्था की जरूरत है। शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए रिजर्व बैंक ने ओम्बड्समैन स्कीम तैयार की है। इससे शिकायत का निपटारा तेजी से होगा। साथ ही ग्राहकों का विश्वास भी डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर बना रहेगा।”

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