ताज़ा खबर
 

चुनाव से पहले वाट्सऐप के फीचर में बदलाव की तैयारी, एक संदेश 5 बार भेजने की सीमा तय, विदेशों में है 20

वाट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह अपने ‘मेसेज प्लेटफार्म’ के दुरुपयोग को रोकने के लिए चुनावों से पहले कई कदम उठाएगा। कंपनी ने कहा कि वह भारत में फर्जी खबर सत्यापन मॉडल लाएगी, जिसका उपयोग दुनिया के दूसरे देशों में किया जा रहा है।

Author July 21, 2018 11:15 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

देश में फर्जी खबरें और अफवाहें फैलने के बाद सामने आर्इं हत्या की घटनाओं से आलोचना झेल रहे वाट्सऐप ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाने का निर्णय किया है। वाट्सऐप ने एक संदेश भेजने की सीमा पांच बार तक सीमित करने समेत देश में अपनी सेवाओं पर पाबंदी लगाने का एलान किया। भारत में संदेश भेजने को लेकर जो पाबंदी लगाई जा रही है वह वैश्विक स्तर पर निर्धारित मानदंडों के मुकाबले कड़ी है। विदेशों में संदेश भेजने की सीमा 20 है। इसके अलावा वाट्सऐप मीडिया संदेशों के बगल में दिखाई देने वाले क्विक फारवर्ड बटन को भी हटाएगा। कंपनी ने अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले वाट्सऐप के दुरुपयोग को रोकने पर चर्चा के लिए हाल ही में चुनाव आयोग और राजनीतिक संगठनों के साथ बातचीत भी की है।

वाट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह अपने ‘मेसेज प्लेटफार्म’ के दुरुपयोग को रोकने के लिए चुनावों से पहले कई कदम उठाएगा। कंपनी ने कहा कि वह भारत में फर्जी खबर सत्यापन मॉडल लाएगी, जिसका उपयोग दुनिया के दूसरे देशों में किया जा रहा है। इस बाबत वाट्सऐप के वैश्विक कार्यकारी पहले से भारत में हैं और उन विभिन्न मुद्दों पर नीति निर्माताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिसका सामना कंपनी कर रही है। कंपनी ने बयान में कहा कि वह ऐप पर संदेश भेजने की सीमा को निर्धारित करने के लिए परीक्षण शुरू कर रहा है। इसके अलावा उसने कहा कि वह मीडिया संदेशों के बगल में दिखाई देने पर वाले क्विक फारवर्ड बटन को भी हटाएगा। वाट्सऐप ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि भारत में उसके उपयोगकर्ता अन्य देशों के उपयोगकर्ताओं की तुलना में अधिक संदेश, तस्वीर और वीडियो भेजते हैं। इस बाबत हम संदेश भेजने की सीमा को निर्धारित करने के लिए एक परीक्षण शुरू कर रहे हैं। यह वाट्सऐप के हर उपयोगकर्ता पर लागू होगा। भारत में हम संदेश को एक बार में पांच संदेश तक के लिए सीमित करने का भी परीक्षण करेंगे और मीडिया संदेश के बगल में दिखाई देने पर वाले बटन को भी हटाएंगे।

एक सूत्र ने बताया कि वाट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा कि वह राज्यों में होने वाले चुनावों व आम चुनावों से पहले स्पैम संदेश तकनीक को लेकर सतर्क रहेगा। उसने कहा कि वाट्सऐप के अधिकारियों का एक दल भारत में है और अगले कुछ दिनों में नीति-निर्माताओं के साथ बैठक करेगा। कंपनी ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि वह भारत में फर्जी खबर सत्यापन मॉडल वेरिफिकैडो लाएगी। इसका मेक्सिको चुनाव में उपयोग किया गया है। ब्राजील में भी इसका उपयोग किया गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वाट्सऐप को व्यक्तिगत और छोटे समूह के बीच बातचीत के लिए तैयार किया गया है और कंपनी ने हमेशा से उन संदेशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जो व्यवस्था को चोट पहुंचाने की कोशिश करता है। वैसे संदेश भेजने वालों के ‘एकाउंट’ को बंद किया गया है।

इससे पहले संदेशवाहक प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और फर्जी खबरें प्रसारित होने के बाद वाट्सऐप को भारत सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा था। सरकार ने इस तरह की खबरों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था। गुरुवार को ही सरकार ने वाट्सऐप को दूसरा नोटिस भेजकर फर्जी और भ्रामक संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी समाधान करने को कहा था। सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अफवाहों के प्रसार में माध्यम बनने वाले भी दोषी माने जाएंगे और मूक दर्शक बने रहने पर उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी ने इस नोटिस पर अब तक जवाब नहीं दिया है। वाट्सऐप ने ब्लॉग में कहा कि कंपनी का मानना है कि ये बदलाव उसे एक निजी संदेशवाहक ऐप के रूप में बनाए रखने में मदद करेगा, जिस काम के लिए इसे डिजाइन किया गया था। कंपनी ने कहा, हमने वाट्सऐप को निजी संदेशवाहक के तौर पर बनाया है, जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ जुड़ने का सरल, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका है। इसलिए हमने नए फीचर्स को जोड़ा है। हम आपकी सुरक्षा और निजता को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और हम अपने ऐप को बेहतर बनाए रखने का कार्य जारी रखेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App