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फोन में इंस्‍टॉल तो नहीं कर रखी ऐसी एप्‍स? बेच रही हैं आपका डेटा

अभियोजन पक्ष ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि द वेदर चैनल एप्प करोड़ों यूजर्स के महत्वपूर्ण लोकेशन डेटा विज्ञापनदाताओं को बेच रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

स्मार्टफोन वर्तमान समय की जरूरत बन चुकी है। घर पर पैसे ट्रांसफर करने हों या कहीं घूमने जाने से पहले मौसम का मिजाज जानना हो, लोग अपने मोबाइल एप्प की सहायता से मिनटो में सारा काम कर लेते हैं। उन्हें संबंधित चीजों की पूरी जानकारी मिल जाती है। लेकिन कुछ ऐसे मोबाइल एप्प भी हैं, जो यूजर्स का डेटा चोरी कर विज्ञापनदाताओं को बेच रहे हैं। लॉस एंजिल्स शहर के अभियोजन पक्ष ने प्रसिद्ध मौसम एप्प ‘द वेदर चैनल एप्प’ के खिलाफ यूजर्स के प्राइवेट डेटा को विज्ञापनदाताओं को बेचने के मामले में एक मुकदमा दायर किया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, लॉस एंजिल्स शहर के अभियोजन पक्ष ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि द वेदर चैनल एप्प करोड़ों यूजर्स के महत्वपूर्ण लोकेशन डेटा विज्ञापनदाताओं को बेच रहे हैं। ये विज्ञापनदाता हेज फंड द्वारा उपभोक्ताओं के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं। बता दें कि ‘द वेदर चैनल एप्प’ के करीब 4.5 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।

अभियोजकों ने अपनी याचिका के माध्यम से तर्क दिया है कि ‘द वेदर चैनल एप्प’, जो कि आईबीएम की स्वामित्व का है, मौसम अपडेट और अलर्ट के नाम पर यूजर्स के निजी जगहों की जानकारी के साथ छेड़छाड़ कर रहा है। उनका गलत इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, इसके लिए यूजर्स ने भी अनजाने में एप्प के सामने अपनी निजता का समर्पण कर दिया है। काफी संख्या में यूजर्स ने उनके लोकेशन को ट्रैक करने के लिए एप्प को अनुमति दी है, जिसका नतीजा यह है कि डेटा का उपयोग किस प्रकार होता है, इसका खुलासा नहीं हो पाता। वहीं, दूसरी ओर आईबीएम ने अपने रूख का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी डेटा प्रैक्टिस के बारे में खुली है और वह अपने खुलासे का सख्ती से बचाव करेगी।

लॉस लॉस एंजिल्स ने अब प्रत्येक उल्लंघन के लिए करीब 1,74,000 रुपये का हर्जाना मांगा है। यदि अभियोजन पक्ष कोर्ट में मुकदमा जीत जाता है तो कंपनी को कैलिफोर्निया में अपने एप्प यूजर्स की संख्या के आधार पर मुआवजा देना पड़ेगा। बता दें कि फेसबुक और गूगल सहित कई प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के बीच डेटा गोपनीयता चिंता का विषय बनता जा रहा है।  न सिर्फ अमेरिका और यूरोप बल्कि पूरी दुनिया में सरकार द्वारा पूछताछ की जा रही है।

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